Health Tips: काले चने भारतीय खान-पान का हिस्सा होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ भी हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें संतुलित डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर रातभर भिगोए हुए चनों को सुबह नाश्ते में खाने का चलन काफी आम है। लेकिन सवाल यह है कि काले चने खाने का सही तरीका क्या है और इससे शरीर को कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं ?
काले चनों को रातभर करीब 8 से 10 घंटे भिगोकर सुबह खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भिगोने से चने नरम हो जाते हैं और उन्हें पचाना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। सुबह नाश्ते में भीगे चने खाने से डाइट में प्रोटीन और फाइबर शामिल होता है। फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए खाली पेट चने खाना जरूरी या बेहतर नहीं होता। अगर आपको गैस, पेट फूलने या अपच की शिकायत होती है तो चनों को अच्छी तरह पकाकर खाना अधिक आरामदायक हो सकता है।
प्रोटीन से मांसपेशियों को मिलती है मदद
काले चने प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों के निर्माण और रखरखाव के लिए जरूरी पोषक तत्व है। जो लोग शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करते हैं, वे अपनी संतुलित डाइट में चने को शामिल कर सकते हैं। हालांकि, सिर्फ चने खाने से शरीर की ताकत या स्टेमिना कई गुना बढ़ने का दावा सही नहीं है। इसके लिए पर्याप्त प्रोटीन, कैलोरी, नींद और नियमित व्यायाम सभी जरूरी हैं।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद फाइबर
काले चनों में मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है। पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग नियमित रखने और कब्ज से बचाव में मदद मिल सकती है। अगर चने खाने के बाद गैस या पेट फूलने की समस्या होती है तो उन्हें रातभर भिगोकर अच्छी तरह पकाकर खाएं। शुरुआत में कम मात्रा लेना भी बेहतर हो सकता है।
आयरन की कमी में डाइट का हिस्सा
काले चनों में आयरन भी पाया जाता है। यह शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी पोषक तत्व है। चने में मौजूद आयरन नॉन-हीम आयरन होता है, जिसका अवशोषण बढ़ाने के लिए इसे विटामिन-C वाले खाद्य पदार्थों के साथ खाना उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए चनों में नींबू का रस मिलाया जा सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को एनीमिया या हीमोग्लोबिन की कमी है तो केवल चने खाने पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। डॉक्टर की सलाह और जरूरी जांच के आधार पर इलाज व डाइट लेना महत्वपूर्ण है।
वजन नियंत्रित करने में भी मददगार हो सकते हैं
काले चनों में प्रोटीन और फाइबर दोनों होते हैं। ये दोनों पोषक तत्व पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में संतुलित मात्रा में चने वजन प्रबंधन वाली डाइट का हिस्सा बन सकते हैं। ध्यान रखें कि वजन कम करने के लिए सिर्फ किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय कुल कैलोरी सेवन, संतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।
काले चने कैसे खाएं ?
- रातभर पानी में भिगोकर सुबह खा सकते हैं।
- गैस या अपच होने पर चनों को उबालकर खाना बेहतर हो सकता है।
- स्वाद और आयरन अवशोषण के लिए नींबू, टमाटर या अन्य विटामिन-C युक्त खाद्य पदार्थ जोड़े जा सकते हैं।
- शुरुआत कम मात्रा से करें और शरीर की प्रतिक्रिया देखें।
- चनों को अच्छी तरह धोकर और उचित तरीके से पकाकर ही खाएं।
काले चने पौष्टिक भोजन हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी की दवा नहीं माना जाना चाहिए। अत्यधिक मात्रा में खाने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। किसी विशेष बीमारी, खाद्य एलर्जी या चिकित्सकीय डाइट की स्थिति में डॉक्टर/डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।


