बिलासपुर, 7 नवंबर 2026। फैमिली कोर्ट के जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का मामला अब पुलिस विभाग के भीतर कार्रवाई तक पहुंच गया है। बिलासपुर के सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। उनकी जगह नरेश चौहान को सरकंडा थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, जारी आदेश में प्रदीप आर्य को हटाने की वजह प्रशासनिक बताई गई है।
मामला महासमुंद फैमिली कोर्ट के जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, एक प्रॉपर्टी डीलर की बर्थडे पार्टी के दौरान जज की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद जज सोनवानी ने प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के खिलाफ सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं, दूसरी ओर अभय बरुआ के एक दोस्त ने भी पुलिस में शिकायत दी थी।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों की शिकायत के बाद सरकंडा पुलिस ने जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली थी। इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे कि न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अपराध दर्ज करने से पहले जरूरी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक अनुमति का पालन किया गया था या नहीं।
जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद न्यायिक अधिकारियों ने इस पर नाराजगी जताई। मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा और थाने की कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई। बताया जाता है कि एसएसपी रजनेश सिंह के अवकाश पर होने के कारण तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
अब एसएसपी के लौटने के बाद थाना प्रभारी प्रदीप आर्य को लाइन अटैच कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में इस कार्रवाई को प्रशासनिक कारणों से लिया गया निर्णय बताया गया है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया में कथित चूक को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।


