कांकेर 7 नवंबर 2026। दिवाली पर आपने मिठाई, दीपक, कैंडल और दूसरे आकर्षक उपहारों के आदान-प्रदान की परंपरा तो देखी होगी, लेकिन अगर किसी सरकारी दफ्तर में कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट के तौर पर शराब की बोतलें दिए जाने का मामला सामने आए, तो सवाल उठना लाजिमी है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिजली विभाग के कार्यालय से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों के लिए दिवाली गिफ्ट के साथ शराब की बोतलें रखी गई थीं। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “कांकेर की जनता बिजली विभाग की बदहाल व्यवस्था से त्रस्त है और विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शराब की बोतलों में मस्त हैं। सरकारी दफ्तर में जनता की समस्याएं सुलझाई जा रही हैं या शराब परोसी जा रही है? क्या यही है सुशासन?”
मामला कांकेर के विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, धनतेरस के दिन कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली उपहार के नाम पर शराब की बोतलें दिए जाने का आरोप लगा। इसकी जानकारी मिलने पर कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यालय पहुंच गए। वहां रखी शराब की बोतलों का वीडियो बनाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए साय सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने लिखा कि….. “कांकेर की जनता बिजली विभाग की बदहाल व्यवस्था से त्रस्त है और विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शराब की बोतलों में मस्त हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को सरकारी व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किए हैं। ।
कार्यालय में टेबल के ऊपर-नीचे रखी थीं बोतलें, कांग्रेस का आरोप
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कांकेर ग्रामीण के अध्यक्ष ब्लोमेंद्र यादव के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि बिजली विभाग के कार्यालय में दिवाली गिफ्ट के नाम पर शराब बांटी जा रही है। इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के साथ कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि एक जैसे पैकेट में शराब की बोतलें रखी गई थीं। महिला कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्यालयीन समय के दौरान कई कर्मचारियों की टेबल के ऊपर और नीचे शराब की बोतलें रखी हुई थीं। यादव ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कार्यपालन अभियंता से भी सवाल किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंची और वहां रखी शराब की बोतलों को जांच के लिए जब्त कर लिया। पुलिस कार्यपालन अभियंता एसके किंडो को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना भी लेकर गई। इस दौरान विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। दूसरी ओर, कार्यपालन अभियंता एसके किंडो ने शराब की बोतलें कार्यालय में कहां से आईं, इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें अपने वाहन में थाने ले गई और इस दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने पुलिस के इस व्यवहार को अशोभनीय बताया।
दिवाली गिफ्ट का रहस्य बरकरार, सियासत में गरमाया मामला
फिलहाल पुलिस ने शराब की बोतलें जब्त कर जांच शुरू कर दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी कार्यालय में शराब की बोतलें किसने रखीं? क्या ये वास्तव में कर्मचारियों को दिवाली उपहार के रूप में बांटी जानी थीं या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? अधिकारी ने जानकारी से इनकार किया है और कांग्रेस ने सरकार को घेर लिया है। अब इस मामले में जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। लेकिन राजनीतिक गलियारों में सवाल गूंज रहा है कि बिजली विभाग में जनता को बिजली की रोशनी कितनी मिल रही है, यह तो अलग बात है, फिलहाल दिवाली के कथित गिफ्ट ने विभाग को सियासी सुर्खियों में जरूर ला दिया है।
कांकेर की जनता बिजली विभाग की बदहाल व्यवस्था से त्रस्त है और विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शराब की बोतलों में मस्त हैं।
सरकारी दफ्तर में जनता की समस्याएँ सुलझाई जा रही हैं या शराब परोसी जा रही है…?
विष्णुदेव साय जी, यही है आपका सुशासन…?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यपालन अभियंता कार्यालय में मिठाई के डिब्बे में शराब की बोतलें पहुँचने का मामला उजागर किया और थाने पहुँचकर FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की।
जनता बिजली के लिए परेशान है और विभाग में ये कैसा खेल चल रहा है…? आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है और किसकी जवाबदेही तय होगी…?
@vishnudsai— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) November 6, 2026


