रायपुर 8 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर के भाठागांव इलाके में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद गहरा गया है। भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह चौहान की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने कांग्रेस नेता ब्रम्हा सोनकर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर आपत्तिजनक और छवि खराब करने वाली सामग्री प्रसारित की गई।
भाठागांव मंडल भाजपा उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चौहान के मुताबिक सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और पोस्ट में उन्हें ‘BJP का सबसे बड़ा गुंडा’ बताया गया। साथ ही जमीन कब्जाने सहित कई आरोप लगाए गए। भाजपा नेता ने इन आरोपों को झूठा और उनकी सामाजिक व राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। चौहान का आरोप है कि 6 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे ब्रम्हा सोनकर ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें बुलाया था। इस दौरान विवाद हुआ और समर्थकों ने ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड किया।
आरोप है कि बाद में इसी वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया। उन्होंने जब अगले दिन 7 अक्टूबर को ब्रम्हा सोनकर से सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सवाल किया। इस दौरान कथित तौर पर उन्हें भाजपा का सदस्य बताते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। चौहान ने पुलिस से शिकायत में कहा कि इस तरह के पोस्ट और टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। साथ ही उन्होंने आशंका जताई कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री के प्रसार से क्षेत्र में विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
वहीं, कांग्रेस नेता ब्रम्हा सोनकर ने FIR पर अपना पक्ष रखते हुए लक्ष्मण चौहान पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अवधपुरी कॉलोनी में महिला समिति की ओर से हर साल माता की स्थापना की जाती है। सोनकर के मुताबिक, जिस स्थान पर माता की स्थापना होती है, वहां लक्ष्मण चौहान हर साल विवाद करते हैं और कब्जा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चौहान के पास कुछ कूटरचित दस्तावेज हैं, जिन्हें वह दिखा नहीं रहे हैं। ब्रम्हा सोनकर ने यह भी कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर थाने में अपनी शिकायत भी दी है।
फिलहाल पुरानी बस्ती पुलिस ने भाजपा नेता की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, पोस्ट और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



