Health Tips: त्योहारों में पकवानों और मिठाइयों का स्वाद लेना आम बात है, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। दिवाली और दूसरे उत्सवों के दौरान लगातार तला-भुना, मसालेदार और ज्यादा वसायुक्त भोजन करने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है। इसमें पेट का एसिड वापस भोजन नली की ओर आने लगता है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन और पेट में असहजता महसूस हो सकती है।
एसिड रिफ्लक्स एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट में मौजूद एसिड वापस भोजन नली यानी इसोफेगस में पहुंच जाता है। सामान्य तौर पर भोजन नली और पेट के बीच मौजूद मांसपेशियों का एक वाल्व एसिड को ऊपर आने से रोकता है। लेकिन जब यह ठीक से काम नहीं करता या पेट में दबाव बढ़ जाता है, तो एसिड ऊपर की ओर आ सकता है। कभी-कभार ऐसा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन बार-बार एसिड रिफ्लक्स होने पर यह गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का संकेत हो सकता है।
फेस्टिव सीजन में खानपान की दिनचर्या बदल जाती है। लोग सामान्य से ज्यादा मात्रा में खाना खाते हैं और कई बार एक ही समय में मिठाई, नमकीन, पकवान और भारी भोजन कर लेते हैं। इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। एसिड रिफ्लक्स बढ़ाने वाले कुछ प्रमुख कारण हैं:
- एक बार में ज्यादा खाना: जरूरत से ज्यादा भोजन करने पर पेट फैलता है और एसिड ऊपर आने की आशंका बढ़ सकती है।
- तला-भुना और वसायुक्त भोजन: ज्यादा फैट वाला खाना पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है।
- मसालेदार पकवान: कुछ लोगों में तीखे मसाले सीने की जलन और रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ा सकते हैं।
- मिठाइयों का अधिक सेवन: ज्यादा मात्रा में भारी और वसायुक्त मिठाइयां खाने से परेशानी हो सकती है।
- खाने के तुरंत बाद लेटना: भोजन के बाद लेटने से पेट का एसिड भोजन नली में वापस आने की संभावना बढ़ती है।
- देर रात भोजन: सोने के ठीक पहले भारी खाना खाने से रात में एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है।
एसिड रिफ्लक्स के प्रमुख लक्षण
एसिड रिफ्लक्स होने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखते। हालांकि, कुछ सामान्य संकेत इस प्रकार हैं:
- छाती में जलन या सीने के बीचों-बीच जलन महसूस होना।
- मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद आना।
- बार-बार खट्टी डकार आना।
- गले में जलन या कुछ अटका हुआ महसूस होना।
- खाने के बाद पेट में भारीपन और असहजता।
- रात में खांसी या आवाज बैठने जैसी परेशानी।
त्योहारों में इन बातों का रखें ध्यान
एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए त्योहारों के दौरान खानपान में थोड़ी सावधानी जरूरी है।
- एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन करें।
- तले-भुने, ज्यादा मसालेदार और वसायुक्त पकवान सीमित मात्रा में खाएं।
- भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें। सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें।
- भोजन के बाद हल्की सैर करें।
- अपनी परेशानी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की पहचान करें और उनसे परहेज करें।
- पर्याप्त पानी पिएं और भोजन का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
- रात में परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह से सोते समय सिरहाने की ऊंचाई बढ़ाने पर विचार करें।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी ?
अगर सीने में जलन या खट्टी डकार की समस्या बार-बार हो रही है, निगलने में परेशानी होती है या बिना वजह वजन कम हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। लगातार एसिड रिफ्लक्स को नजरअंदाज करने से भोजन नली में सूजन और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं। सीने में तेज दर्द या दबाव को केवल गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज न करें।
खासकर यदि इसके साथ सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर या हाथ-जवड़े में दर्द हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। त्योहारों का आनंद पकवानों के साथ जरूर लें, लेकिन स्वाद के चक्कर में सेहत से समझौता न करें। संतुलित खानपान और सही दिनचर्या अपनाकर एसिड रिफ्लक्स जैसी परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।


