Health Tips: सेहतमंद रहने के लिए लोग अपनी डाइट में बादाम, अखरोट, काजू और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स शामिल करते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ दिल और दिमाग की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन सवाल है कि किस ड्राई फ्रूट को किस समय खाना चाहिए और इनका अधिकतम फायदा कैसे मिल सकता है?
बादाम: सुबह नाश्ते के साथ खा सकते हैं
बादाम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई और हेल्दी फैट पाया जाता है। इसे सुबह नाश्ते के साथ या दिन में स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है। कुछ लोग बादाम को रातभर पानी में भिगोकर खाते हैं। हालांकि, भिगोना जरूरी नहीं है; बादाम को बिना भिगोए भी खाया जा सकता है।
अखरोट: ओमेगा-3 फैटी एसिड का स्रोत
अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। इसे सुबह नाश्ते के साथ, सलाद या शाम के हल्के स्नैक में शामिल किया जा सकता है। संतुलित मात्रा में अखरोट खाना दिल की सेहत के लिए उपयोगी डाइट का हिस्सा हो सकता है।
काजू: ऊर्जा और मिनरल्स के लिए
काजू में मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक और हेल्दी फैट मौजूद होते हैं। इसे सुबह या दोपहर के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। इसमें कैलोरी अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसलिए इसकी मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। नमक या मसाले वाले काजू की जगह सादे काजू बेहतर विकल्प हैं।
पिस्ता: फाइबर और प्रोटीन से भरपूर
पिस्ता में प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। इसे नाश्ते के साथ या शाम को हल्के स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है। बिना नमक वाले पिस्ता का सेवन बेहतर रहता है।
कितना खाना चाहिए ड्राई फ्रूट्स
ड्राई फ्रूट्स पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इनका अधिक सेवन अतिरिक्त कैलोरी दे सकता है। इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए। अलग-अलग ड्राई फ्रूट्स को मिलाकर एक छोटी मुट्ठी सामान्य तौर पर एक संतुलित स्नैक हो सकती है। सही मात्रा व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
क्या रात में ड्राई फ्रूट्स खाना सही है ?
ड्राई फ्रूट्स खाने के लिए कोई एक अनिवार्य समय तय नहीं है। इन्हें सुबह, दोपहर या शाम को अपनी सुविधा और डाइट के अनुसार खाया जा सकता है। रात में भी सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है। डायबिटीज, किडनी की बीमारी, नट्स से एलर्जी या किसी विशेष डाइट संबंधी समस्या वाले लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।


