रायपुर 8 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर के प्रमुख तेलीबांधा चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ किए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर सरकार पर तीखा हमला बोला है। बघेल ने नाम बदलने के फैसले को साहू समाज की भावनाओं और पहचान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार को चेतावनी दी है। पूर्व CM बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा कि….“मुख्यमंत्री जी, आपको जिसका नाम बदलना है बदल लें। आप अपने घर की छत पर चाहे अडानी का झंडा लगा लें, लेकिन अगर तेलीबांधा चौक का नाम बदला तो यह तेली समाज के साथ अन्याय होगा।
मुख्यमंत्री जी! आपको जिसका नाम बदलना है बदल लें.
आप अपने घर की छत पर चाहे अडानी का झंडा लगा लें.
लेकिन अगर तेलीबांधा चौक का नाम बदला तो तेली समाज के साथ अन्याय होगा.
तेलीबांधा सिर्फ एक चौक का नाम नहीं, साहू समाज की आस्था, पहचान और गौरव है, पुरखों का स्वाभिमान है.
साहू समाज यह अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा.
लोगों में बहुत ग़ुस्सा है. इस ग़ुस्से को समय रहते पढ़ लीजिए. @vishnudsai @ChhattisgarhCMO
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) October 7, 2026
गौरतलब है कि देशभर में सेवा संकल्प अभियान जारी है। इसी कड़ी में एक दिन पहले राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में सेवा ज्योति यात्रा निकाली गयी। राजधानी रायपुर में कार्यक्रम के बाद सूबे के मुखिया विष्णुदेव साय ने पूरे प्रदेश में 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक निर्माण कराने की बात कही। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन जैसे ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा चौक को सेवा ज्योति संकल्प चौक के रूप में विकसित करने की बात कही, विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया।
मुख्यमंत्री साय के इस बयान के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने साय सरकार पर पलटवार करते हुए इसे तेली समाज के साथ अन्याय बताया। भूपेश बघेल ने अपने पोस्ट में सरकार को राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों में इस मुद्दे को लेकर काफी गुस्सा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि “इस गुस्से को समय रहते पढ़ लीजिए।” बघेल के इस बयान के बाद तेलीबांधा चौक के नाम को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को अब सामाजिक अस्मिता और सम्मान से जोड़कर सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रही है।
नाम बदलने के मुद्दे पर आमने-सामने सरकार और कांग्रेस
तेलीबांधा चौक का नाम बदलने का मामला अब केवल नगर के नामकरण तक सीमित नहीं दिख रहा है। एक तरफ सरकार की ओर से ‘सेवा ज्योति चौक’ नाम को लेकर बात सामने आई है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे साहू समाज की भावनाओं से जोड़ रही है। भूपेश बघेल के बयान ने इस मुद्दे को सीधे राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस नामकरण को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में साहू समाज का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। ऐसे में राजधानी के एक प्रमुख चौक के नाम को लेकर उठे विवाद का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। कांग्रेस जहां इसे समाज के सम्मान और पहचान का सवाल बता रही है, वहीं अब नजर सरकार और भाजपा की अगली प्रतिक्रिया पर है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या तेलीबांधा चौक का नाम वास्तव में बदला जाएगा या सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी? फिलहाल इस मुद्दे ने राजधानी की राजनीति में नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।


