बालोद 7 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बालोद में छात्रा पर हुए एसिड अटैक की घटना के बाद लोगों का गुस्सा मंगलवार को उस वक्त फूट पड़ा, जब पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर पहुंची। पटेल मैदान के सामने भीड़ ने पुलिस वाहन को रोक लिया और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर उग्र भीड़ ने आरोपियों पर काला रंग फेंका और जूतों की माला पहनाने की कोशिश की। पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों के साथ मारपीट का प्रयास भी किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी है।
गौरतलब है कि 5 अक्टूबर को 22 वर्षीय छात्रा आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। इसी दौरान आमापारा आत्मानंद स्कूल के सामने सिंचाई कॉलोनी में उस पर एसिड से हमला किया गया था। घटना में छात्रा के चेहरे, दाहिने हिस्से और आंख के आसपास गंभीर चोटें आई हैं। बेहतर इलाज के लिए उसे रायपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी बालोद का रहने वाला है और छात्रा के साथ कोचिंग में पढ़ चुका है। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच पिछले करीब डेढ़ साल से प्रेम संबंध था। आरोपी छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन उसे शक था कि छात्रा दूसरे युवकों से भी बातचीत करती है।
पुलिस के मुताबिक इसी शक और नाराजगी के चलते आरोपी ने अपने बचपन के दोस्त करण कुंजाम के साथ मिलकर छात्रा पर एसिड से हमला करने की साजिश रची। मंगलवार शाम करीब 5 बजे पुलिस की टीम मुख्य आरोपी यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को बालोद न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी। इसी दौरान पटेल मैदान के सामने बड़ी संख्या में लोग और छात्र-छात्राएं पुलिस वाहन के सामने पहुंच गए। भीड़ ने वाहन रोककर आरोपियों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उग्र भीड़ ने दोनों आरोपियों पर काला रंग फेंका और जूतों की माला पहनाने का प्रयास किया।
कुछ लोगों ने आरोपियों के साथ मारपीट करने की भी कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। एसिड अटैक की घटना से नाराज छात्र-छात्राओं ने करीब डेढ़ घंटे तक बालोद न्यायालय को चारों ओर से घेरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे थे। कोर्ट परिसर के अंदर भी काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने किसी भी व्यक्ति को आरोपियों के पास जाने नहीं दिया। बाद में जब दोनों आरोपियों को जेल ले जाने की तैयारी हुई तो पुलिस को रास्ता बदलना पड़ा। आरोपियों को कोर्ट के पीछे के रास्ते से दूसरे वाहन में निकालकर ले जाया गया। वहीं, कुछ अधिवक्ताओं ने भी आरोपियों का केस नहीं लड़ने की बात कही है।
दुर्ग से खरीदा था सल्फ्यूरिक एसिड
पुलिस ने जांच में खुलासा किया है कि आरोपी ने लैब में इस्तेमाल होने वाला करीब 500 ML सल्फ्यूरिक एसिड 26 सितंबर को दुर्ग से खरीदा था। जांच में यह भी सामने आया कि 27 सितंबर को गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान छात्रा पर हमला करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन उस दौरान आरोपी खुद झुलस गया और योजना टल गई। इसके बाद 5 अक्टूबर को आरोपी ने छात्रा पर एसिड से हमला किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए एसिड में से बचा हुआ एसिड भी जब्त कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस कार्रवाई के बाद जेल भेजे जा चुके हैं। घटना के बाद बालोद में लोगों में भारी आक्रोश है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग लगातार उठ रही है।


