नई दिल्ली 22 सितंबर 2026। सितंबर का महीना खत्म होने वाला है और 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कुछ अहम नियम लागू होने जा रहे हैं। इनमें RBI के नए FD और बल्क डिपॉजिट नियम तथा SBI के BSBD और Salary Package Account से जुड़े ATM नियम शामिल हैं। इन बदलावों का असर सभी ग्राहकों पर एक जैसा नहीं होगा, इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा नियम किस तरह के खाते या जमा पर लागू होगा। RBI के संशोधित नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
नए नियमों में बैंक की अलग-अलग शाखाओं में एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान राशि और समान श्रेणी की जमा पर ब्याज दरों में भेदभाव नहीं किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य जमा दरों में पारदर्शिता और एकरूपता बढ़ाना है। यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। हर FD के लिए ब्याज दर एक जैसी नहीं होगी। नए नियमों का खास फोकस समान प्रकृति की जमा और खास तौर पर बल्क डिपॉजिट पर है। खुदरा FD पर इसका मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकों की FD दर एक जैसी हो जाएगी।
3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को माना जाएगा Bulk Deposit
RBI के नए फ्रेमवर्क के तहत 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की सिंगल टर्म डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे बड़े डिपॉजिट के लिए बैंकों को ब्याज दरों के निर्धारण और डिस्क्लोजर को लेकर नए नियमों का पालन करना होगा। बल्क डिपॉजिट के मामले में बैंक लिक्विडिटी रिस्क और LCR से जुड़े मानकों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दरें तय कर सकते हैं। यानी बड़े डिपॉजिट के लिए बैंक के पास दर तय करने में कुछ अतिरिक्त लचीलापन रहेगा।
हर कारोबारी दिन वेबसाइट पर दिखानी होगी Bulk FD की दर
1 अक्टूबर से बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर लागू ब्याज दरों को अपनी वेबसाइट पर हर कारोबारी दिन सार्वजनिक करना होगा। RBI के नियम के मुताबिक दरों को सुबह 10 बजे तक उपलब्ध कराना होगा, जबकि अधिकतम 10 मिनट की ग्रेस अवधि के साथ इसे 10:10 बजे तक अपडेट किया जा सकता है। इसका सीधा फायदा बड़े निवेशकों और संस्थागत जमाकर्ताओं को मिलेगा, क्योंकि वे FD कराने से पहले बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध दर देख सकेंगे।
आम FD निवेशकों पर कितना असर ?
अगर आपकी FD 3 करोड़ रुपये से कम है, तो इन नए बल्क डिपॉजिट नियमों का सीधा असर सीमित रहेगा। खास तौर पर मौजूदा रिटेल FD को इन नियमों के कारण अपने आप दोबारा कीमत यानी repricing नहीं किया जाएगा। SBI के Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD अकाउंट से जुड़े नकद निकासी नियम भी 1 अक्टूबर से बदलेंगे। खाताधारक महीने में चार नकद निकासी मुफ्त कर सकेंगे। इसके बाद पांचवीं और आगे की हर पात्र नकद निकासी पर ₹15 + GST देना होगा।
किन निकासी को गिना जाएगा ?
चार मुफ्त नकद निकासी की सीमा में विभिन्न माध्यमों से की गई कैश निकासी शामिल होगी, जैसे—
- SBI ATM से नकद निकासी
- दूसरे बैंक के ATM से नकद निकासी
- बैंक शाखा से नकद निकासी
- AEPS के जरिए नकद निकासी
यानी जो ग्राहक महीने में बार-बार कैश निकालते हैं, उन्हें अपनी निकासी की संख्या पर नजर रखनी होगी।
डिजिटल ट्रांजैक्शन पर राहत
BSBD खाताधारकों के लिए डिजिटल ट्रांजैक्शन पर यह चार निकासी वाली सीमा लागू नहीं होगी। SBI के अनुसार डिजिटल लेनदेन बिना इस सीमा के जारी रहेंगे।
SBI Salary Account वालों के लिए ATM नियम बदलेगा
SBI के Salary Package Account धारकों के लिए भी 1 अक्टूबर से अहम बदलाव होगा। दूसरे बैंकों के ATM और ADWM से SBI डेबिट कार्ड के जरिए मिलने वाली मुफ्त मासिक ट्रांजैक्शन सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी जाएगी। यह सीमा वित्तीय और गैर-वित्तीय, दोनों तरह के लेनदेन पर लागू होगी। मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद मौजूदा शुल्क लागू रहेगा। दूसरे बैंक के ATM से नकद निकासी पर ₹23 + GST और गैर-वित्तीय ट्रांजैक्शन पर ₹11 + GST का शुल्क बताया गया है।
SBI के अपने ATM पर क्या होगा ?
Salary Package Account धारकों को SBI के अपने ATM पर 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन प्रतिमाह की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि Salary Package Accounts के लिए SBI ATM पर लेनदेन को लेकर अन्य सुविधाएं भी जारी रहेंगी। यह बदलाव सभी SBI खातों पर एक साथ लागू नहीं है। खास तौर पर दूसरे बैंक के ATM पर 10 से 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन वाली कटौती Salary Package Account धारकों के लिए है। अन्य खातों की ATM सीमा अलग नियमों के अनुसार जारी रहेगी।
आपके लिए जरूरी क्या है ?
अगर आपके पास SBI का BSBD अकाउंट या Salary Package Account है, तो 1 अक्टूबर से पहले अपने खाते की नई शुल्क संरचना जरूर देख लें। वहीं, अगर आप बड़ी रकम की FD कराने वाले हैं, तो 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बल्क FD के लिए बैंक की वेबसाइट पर प्रकाशित दरों को जरूर जांचें। यानी 1 अक्टूबर से बदलाव सिर्फ ‘बैंक चार्ज बढ़ने’ तक सीमित नहीं हैं। कुछ नियम बड़े FD निवेश में पारदर्शिता बढ़ाने वाले हैं, जबकि SBI के कुछ ग्राहकों को नकद निकासी और दूसरे बैंक के ATM इस्तेमाल का हिसाब पहले से ज्यादा ध्यान से रखना होगा।


