नई दिल्ली 3 अगस्त 2026।भारत ने कुछ ऐतिहासिक उपलब्धियों और कई यादगार प्रदर्शनों के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 को अलविदा कहा है। भारतीय दल ने इस बार कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि भारत लगातार पिछले संस्करणों की तरह 50 पदकों का आंकड़ा नहीं छू सका, लेकिन कई खेलों में खिलाड़ियों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने इस अभियान को खास बना दिया। इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने सबसे अधिक 16 पदक एथलेटिक्स में जीते, जबकि बॉक्सिंग भारत के लिए सबसे सफल खेल साबित हुआ।
भारतीय मुक्केबाजों ने 10 पदक, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल हैं, जीतकर नया इतिहास रच दिया। वेटलिफ्टिंग और जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगाई। भारत के अभियान का पहला पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने कांस्य के रूप में दिलाया। वहीं पहला स्वर्ण पदक स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड जीतने की उपलब्धि हासिल की। जूडो में अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं, जबकि 22 वर्षीय जादूमणि सिंह ने बॉक्सिंग में रजत पदक जीतकर भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाईं।
भारत के लिए सबसे यादगार दिन 1 अगस्त रहा, जब भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही दिन में 16 पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में आगे बढ़ाया।हालांकि इस बार कुल पदकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसकी एक बड़ी वजह यह रही कि क्रिकेट, हॉकी और कुश्ती जैसे कई प्रमुख खेल इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा नहीं थे। पहले इन खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में होनी थी, लेकिन लागत बढ़ने के कारण आयोजन ग्लासगो को सौंपा गया। सीमित समय और संसाधनों के चलते कई खेलों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया।
भारत का खेलवार प्रदर्शन
- एथलेटिक्स: 16 पदक (3 स्वर्ण, 7 रजत, 6 कांस्य)
- बॉक्सिंग: 10 पदक (7 स्वर्ण, 3 रजत)
- वेटलिफ्टिंग: 8 पदक (1 स्वर्ण, 6 रजत, 1 कांस्य)
- जूडो: 4 पदक (2 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य)
- पैरा पावरलिफ्टिंग: 1 कांस्य
पदकों की संख्या भले ही 50 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि कई खेलों में भारत की नई पीढ़ी लगातार मजबूत हो रही है। बॉक्सिंग में ऐतिहासिक सफलता, एथलेटिक्स में निरंतर प्रदर्शन और कई नए खिलाड़ियों का उभार भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।

