जगदलपुर 17 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर जगदलपुर में होने वाला दीपोत्सव राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने आयोजित कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। विवाद नारेबाजी से शुरू होकर धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इस दौरान जूते-चप्पल फेंके जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया।
हे राम! गरीबों के चूल्हों को बुझाकर दीप जलाए जा रहे हैं.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 17, 2026
जानकारी के मुताबिक जगदलपुर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर से मिताली चौक तक बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन की तैयारी की गई है। आयोजन के लिए सवा लाख से ज्यादा दीये लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। तैयारियों के चलते मिताली चौक क्षेत्र में फूड स्टॉल, ठेले और गुमटियों को हटाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसी कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू किया।
कांग्रेस का कहना था कि इससे छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और आम श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि आयोजन की वजह से मंदिर के सामने रास्तों और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। वहीं भाजपा की ओर से कहा गया कि मंदिर के द्वार बंद नहीं किए गए हैं और श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक नहीं है। यही मुद्दा धीरे-धीरे राजनीतिक बहस में बदल गया और दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
गृहमंत्री विजय शर्मा पहुंचे तो और गरमाया माहौल
विरोध के बीच उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा भी मौके पर पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आयोजन और दुकानों को हटाए जाने को लेकर उनके सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान विजय शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, काफी देर तक मौके पर गहमागहमी बनी रही। विजय शर्मा के वहां से लौटने के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी तेज हो गई। इसके बाद स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई।
मौके से सामने आए वीडियो को लेकर जूते-चप्पल फेंके जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, वीडियो के आधार पर विवाद की शुरुआत और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विवाद बढ़ने की सूचना के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को अलग किया और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
दीपोत्सव से पहले सियासी टकराव
जगदलपुर में जिस आयोजन की पहचान हजारों दीपों से जगमगाने वाले कार्यक्रम के तौर पर होनी थी, वह फिलहाल भाजपा-कांग्रेस के राजनीतिक टकराव की वजह से चर्चा में है। कांग्रेस आयोजन की व्यवस्थाओं, दुकानदारों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को मुद्दा बना रही है, जबकि भाजपा की ओर से आयोजन को लेकर आपत्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में दीपोत्सव से पहले ही जगदलपुर की सियासत में गर्मी बढ़ गई है। एक आयोजन, दो राजनीतिक दावे और सड़क पर टकराव…अब देखना होगा कि इस विवाद के बाद दोनों दलों की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।


