Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    Video: भूपेश बघेल का धीरेंद्र शास्त्री और RSS पर निशाना, बोले- ‘जनता क्या खाए और क्या पहने, ये तय करने का अधिकार किसने दिया ?’

    09/09/2026

    CG: अंबिकापुर प्रधान डाकघर में ₹35 लाख का फर्जीवाड़ा ! 15 खाताधारकों की FD की रकम में हेराफेरी. पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

    09/09/2026

    CG: रायपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के बदले कार्यक्षेत्र, पुलिस लाइन से ट्रैफिक तक नई जिम्मेदारियां

    09/09/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, September 9
    DW HindiDW Hindi
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • होम
    • हेडलाइन
    • बड़ी ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • उद्योग
    • राजनीति
    • ब्यूरोक्रेटस
    • खेल
    • सेहत
    • वायरल न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • क्राइम
    • शिक्षा
    DW HindiDW Hindi
    Home»देश - विदेश»बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट का आदेश फिर भी CJP प्रोटेस्ट पर नोटिस नोटिस ? CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार, पूछा- ‘मजिस्ट्रेट ऐसा कैसे कर सकते हैं ?’
    देश - विदेश

    बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट का आदेश फिर भी CJP प्रोटेस्ट पर नोटिस नोटिस ? CJI सूर्यकांत ने लगाई फटकार, पूछा- ‘मजिस्ट्रेट ऐसा कैसे कर सकते हैं ?’

    DW HindiBy DW Hindi09/09/2026
    Share Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली 9 सितंबर 2026। छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। CJP के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र को ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किए जाने पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट पहले ही छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा चुका है, तो मजिस्ट्रेट ने ऐसा नोटिस कैसे जारी कर दिया ? बुधवार को सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि नोटिस पुलिस के अनुरोध पर जारी किया गया था। हालांकि बाद में नोटिस वापस ले लिया गया। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और कहा कि संबंधित मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

    CJI सूर्यकांत ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश बिल्कुल स्पष्ट था। जब शीर्ष अदालत पहले ही छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दे चुकी थी, तो कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी करने का आधार क्या था ? पीठ ने इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब सवाल यह है कि क्या स्थानीय प्रशासन ने शीर्ष अदालत के आदेश की सही व्याख्या नहीं की या फिर पुलिस के अनुरोध पर कार्रवाई करते समय अदालत के निर्देशों को नजरअंदाज किया गया?

    छात्र से मांगा गया था 5 लाख रुपये का मुचलका

    यह मामला गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर CJP की अगुवाई में हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में ग्रेटर नोएडा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने छात्र को नोटिस जारी किया था। नोटिस में छात्र से शांति बनाए रखने के लिए 5 लाख रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा गया था। हालांकि बाद में यह नोटिस वापस ले लिया गया। लेकिन नोटिस जारी होने की प्रक्रिया पर अब सुप्रीम कोर्ट ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया था।

    ऐसे में नोटिस जारी होने को लेकर अदालत की नाराजगी और बढ़ गई। CJI ने स्पष्ट किया कि जब छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई गई थी, तो उसके बाद कार्यकारी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किया जाना समझ से परे है। भले ही प्रशासन ने नोटिस वापस ले लिया हो, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे केवल नोटिस वापस लेने तक सीमित नहीं रखा है।अदालत अब यह जानना चाहती है कि नोटिस जारी करने की पूरी प्रक्रिया क्या थी, पुलिस ने किस आधार पर इसका अनुरोध किया और मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नोटिस जारी करने का फैसला क्यों लिया। इसी वजह से संबंधित मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही गई है।

    सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से उठे कई सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का संदेश साफ है—शीर्ष अदालत के आदेश के बाद निचले स्तर पर होने वाली किसी भी कार्रवाई को उसके अनुरूप होना जरूरी है। अब संबंधित मजिस्ट्रेट के स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि छात्र को नोटिस किन परिस्थितियों में जारी किया गया था। फिलहाल नोटिस वापस लिया जा चुका है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। कोर्ट की अगली कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि मजिस्ट्रेट की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।

    5 लाख रुपये का मुचलका Breaking News CJI सूर्यकांत CJP Protest CJP प्रदर्शन FIR पर रोक GBU National News Student Protest अक्षत त्रिपाठी अनुच्छेद 142 कार्यकारी मजिस्ट्रेट कॉकरोच जनता पार्टी गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा चीफ जस्टिस सूर्यकांत छात्र को नोटिस छात्र पर कार्रवाई छात्रों के खिलाफ FIR छात्रों पर कार्रवाई दंडात्मक कार्रवाई दिल्ली न्यूज पुलिस कार्रवाई मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी सुप्रीम कोर्ट न्यूज हाईकोर्ट
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    DW Hindi
    DW Hindi

    DW Hindi is a trusted Hindi news platform delivering latest Chhattisgarh, national, politics, crime, business, sports and breaking news updates.

    Related Posts

    Video: भूपेश बघेल का धीरेंद्र शास्त्री और RSS पर निशाना, बोले- ‘जनता क्या खाए और क्या पहने, ये तय करने का अधिकार किसने दिया ?’

    09/09/2026

    CG: अंबिकापुर प्रधान डाकघर में ₹35 लाख का फर्जीवाड़ा ! 15 खाताधारकों की FD की रकम में हेराफेरी. पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

    09/09/2026

    CG: रायपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के बदले कार्यक्षेत्र, पुलिस लाइन से ट्रैफिक तक नई जिम्मेदारियां

    09/09/2026
    Don't Miss

    Video: भूपेश बघेल का धीरेंद्र शास्त्री और RSS पर निशाना, बोले- ‘जनता क्या खाए और क्या पहने, ये तय करने का अधिकार किसने दिया ?’

    DW Hindi09/09/2026

    रायपुर 9 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर कथावाचक पंडित…

    CG: अंबिकापुर प्रधान डाकघर में ₹35 लाख का फर्जीवाड़ा ! 15 खाताधारकों की FD की रकम में हेराफेरी. पोस्ट मास्टर समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

    09/09/2026

    CG: रायपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के बदले कार्यक्षेत्र, पुलिस लाइन से ट्रैफिक तक नई जिम्मेदारियां

    09/09/2026

    CG: ‘तेरा बाप IPS है तो हमारा क्या कर लेगा?’ अंबिकापुर में IPS अफसर के बेटे पर दबंगई, 7 युवकों ने घेरकर बेरहमी से पीटा

    09/09/2026
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Facebook X (Twitter) WhatsApp
    About Us

    Editor: Vijay Kumar

    Office Address: Shop No. 08, Mudapar Complex,
    Near Ambedkar Bhawan,
    Korba, Chhattisgarh – 495677,
    India

    Email: dwhindi24x7@gmail.com

    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    © 2026 DW HINDI. Designed by Nimble Technology.
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.