रायपुर 9 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। बघेल ने सवाल उठाया कि आखिर आम जनता क्या खाए और क्या पहने, यह तय करने का अधिकार धीरेंद्र शास्त्री या RSS से जुड़े लोगों को किसने दिया है ? मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि लंबे समय से इस तरह के बयानों के जरिए लोगों की निजी पसंद और खान-पान को प्रभावित करने की कोशिश की जाती रही है। उन्होंने इसे लेकर खाने और पहनने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
धीरेंद्र शास्त्री और RSS के लोग ही हमेशा से यह तय करने की कोशिश करते रहे हैं कि आम जनता को क्या खाना चाहिए और क्या पहनना चाहिए।
बंगाल का ही उदाहरण ले लीजिए, वहाँ मछली दैनिक भोजन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। लेकिन जब बागेश्वर बाबा ने वहाँ जाकर इसके खिलाफ बयान दिया, तो खुद उनके… pic.twitter.com/QhBzgB9r4L
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 9, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री और RSS से जुड़े लोग लगातार इस बात पर टिप्पणी करते रहे हैं कि आम लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या पहनना चाहिए। बघेल का कहना है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में अलग-अलग राज्यों और समुदायों की अपनी खान-पान की परंपराएं हैं। ऐसे में किसी एक विचार या पसंद को पूरे देश पर लागू करने की कोशिश उचित नहीं है। भूपेश बघेल ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मछली लोगों के दैनिक भोजन का स्वाभाविक हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि जब धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे और वहां मछली खाने को लेकर बयान दिया, तो उनके ही अध्यक्ष को इसका विरोध करना पड़ा।बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ‘वहां मामला सीधे तौर पर उनके वोटों का था।’
खान-पान पर राजनीति, फिर वोट बैंक का सवाल
भूपेश बघेल के इस बयान को राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने खान-पान के मुद्दे को सीधे तौर पर राजनीति और वोट बैंक से जोड़ते हुए BJP और RSS की विचारधारा पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री का संकेत साफ था कि जहां किसी मुद्दे से चुनावी नुकसान की आशंका होती है, वहां राजनीतिक दल अपने रुख को बदलने या नरम करने से पीछे नहीं हटते। हालांकि, बघेल के आरोपों पर BJP या RSS की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऐसे में अब नजर इस बात पर होगी कि भाजपा इस हमले का किस तरह जवाब देती है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में विपक्ष में आने के बाद भूपेश बघेल लगातार BJP और उससे जुड़े संगठनों पर वैचारिक मुद्दों को लेकर निशाना साधते रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री और RSS को लेकर दिया गया यह बयान भी उसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खान-पान, धार्मिक विचार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बघेल के इस बयान से प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।


