अंबिकापुर 9 सितंबर 2026। अंबिकापुर में शांतिर गुंडा-बदमाश युवकों की दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। बौरीपारा तालाब के पास एक IPS अधिकारी के बेटे को आधा दर्जन से ज्यादा युवकों ने घेरकर बेरहमी से पीट दिया। आरोप है कि युवकों ने हाथ-मुक्के, बेल्ट और कड़े से हमला किया। मारपीट में युवक के सिर, चेहरे और कनपटी में चोटें आई हैं। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने चार नामजद आरोपियों समेत अन्य युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में सबसे ज्यादा चर्चा आरोपियों के उस बयान की है, जिसमें उन्होंने पीड़ित के साथ मारपीट के दौरान कहा- ‘तेरा बाप पुलिस ऑफिसर है तो हमारा क्या कर लेगा ?’ अंबिकापुर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक नमनाकला खटिकपारा निवासी लेखांश कांत कुर्रे, उम्र 24 वर्ष, 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे अपने दोस्तों विशाल सोनी और रोमी खान के साथ कार से बौरीपारा स्थित अपने दोस्त प्रिंस गुप्ता के घर जा रहा था। प्रिंस के घर से कुछ दूरी पहले बौरीपारा तालाब के पास उसने कार रोक दी। वहां पहले से गोलू गणेश, रतन गुप्ता, कोया डॉन, आशुतोष गुप्ता समेत कुछ अन्य युवक मौजूद थे। लेखांश कार से उतरकर अपने दोस्त प्रिंस से मोबाइल पर बातचीत करने लगा। इसी दौरान बातचीत में उसने कथित तौर पर गोलू गणेश का नाम ले लिया। शिकायत के मुताबिक गोलू का नाम लेने पर वहां मौजूद रतन गुप्ता और कोया डॉन ने लेखांश से गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने उससे कहा कि ‘गोलू गणेश नहीं, बाप बोल।’
इसके बाद विवाद बढ़ गया। शिकायत में आरोप है कि गोलू गणेश ने लेखांश का हाथ पकड़ लिया और रतन गुप्ता, कोया डॉन तथा आशुतोष गुप्ता ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने हाथ-मुक्के, बेल्ट और कड़े से हमला किया। इस दौरान कोया डॉन पर युवक का गला दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है। मारपीट के दौरान आरोपियों की कथित दबंगई यहीं नहीं रुकी। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उसे धमकाते हुए कहा कि ‘तेरा बाप पुलिस ऑफिसर है तो हमारा क्या कर लेगा?’ घटना में लेखांश के सिर, चेहरे और कनपटी पर चोटें आई हैं। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने बीच-बचाव कर उसे आरोपियों से बचाया। पीड़ित के पिता वर्तमान में रायपुर में पदस्थ IPS अधिकारी बताए गए हैं। इससे पहले वे कोरिया जिले के पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं।
लेखांश की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने गोलू गणेश, रतन गुप्ता, कोया डॉन और आशुतोष गुप्ता समेत अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(3), 115(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। अंबिकापुर में सामने आया यह मामला सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक स्थान पर युवकों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर एक व्यक्ति को घेरकर पीटना और पुलिस अधिकारी के परिवार से जुड़े होने का हवाला देने के बावजूद धमकी देना कानून-व्यवस्था और बदमाशों के मनोबल को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
खास तौर पर आरोपियों का कथित बयान- ‘पुलिस ऑफिसर है तो हमारा क्या कर लेगा’- यह सवाल उठाता है कि क्या ऐसे तत्वों को कानून का डर नहीं है? फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना के CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच इस मामले में अहम होगी। पुलिस की कार्रवाई से ही साफ होगा कि घटना में कौन-कौन शामिल था और आरोप कितने सही हैं। यह रिपोर्ट पीड़ित की शिकायत और उपलब्ध पुलिस केस विवरण पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।


