रायपु 8 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की सियासत में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगातार निशाना साध रही है, वहीं अब बघेल ने बीजेपी के संगठन और प्रदेश प्रभारी के खाली पद को लेकर पलटवार किया है। बीजेपी की ओर से भूपेश बघेल को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। कांग्रेस में उनकी जिम्मेदारियों को लेकर भी बीजेपी तंज कस रही है। इसके जवाब में अब भूपेश बघेल ने बीजेपी के प्रदेश संगठन पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
हमारे यहाँ तो प्रभारी हैं, भाजपा तो बिना प्रभारी के चल रहे हैं।
इन्हें अपनी स्थिति बतानी चाहिए, इनके प्रभारी क्यों नहीं है? इतनी लड़ाई है कि एक प्रभारी नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं। pic.twitter.com/W6l3P51LTZ
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 8, 2026
मीडिया से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि “हमारे यहां तो प्रभारी है, बीजेपी तो बिना प्रभारी के चल रही है। इन्हें अपनी स्थिति बतानी चाहिए कि इनके प्रभारी क्यों नहीं हैं?” बघेल यहीं नहीं रुके। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि इतनी लड़ाई है कि एक प्रभारी नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं। बघेल का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश प्रभारी का पद लंबे समय से खाली है।दरअसल, नितिन नबीन के बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी खाली है। ऐसे में प्रभारी की नियुक्ति को लेकर बघेल ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए तीखा हमला किया है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियों अपलोड कर लिखा कि….“हमारे यहाँ तो प्रभारी हैं, भाजपा तो बिना प्रभारी के चल रहे हैं।
इन्हें अपनी स्थिति बतानी चाहिए, इनके प्रभारी क्यों नहीं है ? इतनी लड़ाई है कि एक प्रभारी नियुक्त नहीं कर पा रहे हैं।” अब भूपेश बघेल के बयान ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस बीजेपी से सवाल कर रही है कि जब पार्टी संगठन को मजबूत करने की बात कर रही है, तो प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों हो रही है ? वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ को लेकर अपना संगठनात्मक फैसला कर लिया है। पार्टी ने हाल ही में सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया है। ऐसे में एक तरफ जहां सुखदेव भगत के सामने अब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की चुनौती होगी। वहीं काग्रेस नेता बीजेपी के प्रदेश प्रभारी के खाली पद को लेकर साय सरकार को घेरने में जुट गये है।


