रायपुर 14 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC परीक्षा 2024 को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा के मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होने दावा किया कि एक ही प्रश्न का सही उत्तर देने वाले अभ्यर्थियों को अलग-अलग अंक दिए गए, जबकि कुछ मामलों में गलत उत्तर पर भी अंक दिए जाने का आरोप है। दीपक बैज ने इसे हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार और PSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 2025 के मुख्य परीक्षा में 187 अभ्यर्थी के साकक्षात्कार से बाहर होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए साक्षात्कार पर प्रभाव से रोक लगाने की मांग करते हुए CBI से जांच कराने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा 2024 में बड़ी मात्रा में गड़बड़ी कर,हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है।
प्रश्नों के सही उत्तर होने पर भी अलग अलग अंक दिया गया है व प्रश्नों के ग़लत उत्तर होने पर भी अपने चहेतों को फ़ायदा पहुचाने के लिए नंबर दिया गया है।
इसी तरह 2025 के मुख्य परीक्षा में 187 अभ्यर्थी को साकक्षात्कार में बाहर होना पड़ा, 2025 के मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका अभ्यर्थी को दिया जाए ताकि वह अपना अंक देख सके…
कहीं 2024 की तरह अपने चहेतों को फायदा पहुचाने के लिए नंबर में हेरफेर तो नहीं किया गया है..?
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) September 14, 2026
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बैज ने सूचना के अधिकारी से मिले दस्तावेजों के आधार पर सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किये है। उन्होने आरोप लगाया कि CGPSC 2024 की परीक्षा में मूल्यांकन को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। उनके मुताबिक, कुछ अभ्यर्थियों ने समान प्रश्न का सही उत्तर दिया, लेकिन उन्हें समान अंक नहीं मिले। कांग्रेस का सवाल है कि अगर प्रश्न और उसका सही उत्तर समान है, तो मूल्यांकन में अंक अलग-अलग देने का आधार क्या था? क्या सभी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच एक समान नियमों के तहत हुई या मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई ? दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रश्नों के गलत उत्तर होने के बावजूद अभ्यर्थियों को अंक दिए गए। कांग्रेस ने इसे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
2025 की मुख्य परीक्षा पर भी उठे सवाल
दीपक बैज ने CGPSC 2025 की मुख्य परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा के बाद 187 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू से बाहर होना पड़ा। कांग्रेस की मांग है कि 2025 मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे स्वयं देख सकें कि उनके उत्तरों का मूल्यांकन किस तरह हुआ और उन्हें कितने अंक दिए गए। बैज ने आशंका जताई कि कहीं 2024 की तरह 2025 में भी अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए अंकों में हेरफेर तो नहीं किया गया। कांग्रेस का कहना है कि PSC की परीक्षा में प्रदेश के हजारों युवा अपना भविष्य दांव पर लगाते हैं।
ऐसे में अगर मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो सरकार और आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी ने उत्तर पुस्तिकाओं को अभ्यर्थियों के सामने उपलब्ध कराने और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। CGPSC परीक्षा को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बाद एक बार फिर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। हालांकि, दीपक बैज द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है। सरकार और CGPSC की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल कांग्रेस के सवाल का केंद्र यही है—जब प्रश्न और उसका सही उत्तर एक ही है, तो अभ्यर्थियों को दिए गए अंकों में अंतर क्यों? यही सवाल अब CGPSC की मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।


