रायपुर, 15 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को आयोजित परिचर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा आमने-सामने आ गए। योजना के तहत आवास निर्माण और स्वीकृति से जुड़े आंकड़ों को लेकर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद यह सियासी तकरार सोशल मीडिया तक पहुंच गई और बीजेपी-कांग्रेस के बीच पोस्टर वार और तीखे बयानों का नया दौर शुरू हो गया।
परिचर्चा में मंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों को सही बताया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन आंकड़ों की सत्यता पर सवाल उठाते हुए सरकार के दावों को चुनौती दी। इसी मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

BJP ने पोस्टर के जरिए भूपेश पर साधा निशाना
बहस खत्म होने के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर भूपेश बघेल पर हमला बोला। एक पोस्टर में बीजेपी ने लिखा, “तुम्हारी इनकमिंग भी जनता ने बंद कर दी है मिस्टर ATM, अगली बार राहुल गांधी को भेजना।” बीजेपी ने एक अन्य पोस्टर में आंकड़ों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा कि “हवाबाजी का बंटाधार हुआ और सही आंकड़ों के साथ भ्रम का गुब्बारा फूट गया।” इन पोस्टरों के जरिए बीजेपी ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अपनी सरकार के आंकड़ों को सही ठहराने की कोशिश की और पिछली कांग्रेस सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए।
भूपेश बघेल का पलटवार—‘अगली बार किसी समझदार को भेजना’
बीजेपी के हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया। उन्होंने मंत्री विजय शर्मा पर तंज कसते हुए कहा, “अगली बार किसी समझदार को चर्चा के लिए भेजना चाहिए।” इसके साथ ही भूपेश बघेल ने लिखा, “छोटा रिचार्ज केवल रील बनाने के लिए ही ठीक है।” भूपेश के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दोनों दलों के समर्थकों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।


बहस PM आवास पर थी, लेकिन सियासत ‘पोस्टर वार’ तक पहुंची
पूरे विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर हुई थी। लेकिन परिचर्चा खत्म होते-होते मुद्दा राजनीतिक तंज और सोशल मीडिया पोस्टर वार में बदल गया। बीजेपी जहां प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अपनी सरकार के प्रदर्शन को सामने रखकर कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं कांग्रेस और भूपेश बघेल सरकार के आंकड़ों और दावों पर सवाल उठाकर पलटवार कर रहे हैं। ऐसे में PM आवास योजना के आंकड़ों की लड़ाई अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी नैरेटिव की लड़ाई बनती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में दोनों दल इस मुद्दे को लेकर और आक्रामक होते हैं या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।



