नई दिल्ली 2 सितंबर 2026। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बाजार पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा फिसलकर 76,471 के नीचे पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 23,800 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 5.60 लाख करोड़ रुपये घट गया। यानी बाजार खुलते ही निवेशकों की संपत्ति में इतनी बड़ी कमी दर्ज की गई।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
सुबह करीब 9:38 बजे सेंसेक्स 629.18 अंक यानी 0.82 फीसदी गिरकर 76,315.10 पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सेंसेक्स का दिन का हाई 76,521.67 और लो 76,135.72 रहा। वहीं निफ्टी 217.80 अंक यानी 0.91 फीसदी की गिरावट के साथ 23,838 पर था। निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में 23,882.95 का हाई और 23,786.80 का लो बनाया।
सेंसेक्स के सभी 30 शेयर लाल निशान में
बाजार में बिकवाली का दबाव इतना व्यापक रहा कि सेंसेक्स के सभी 30 शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में नजर आए। इंडिगो में सबसे ज्यादा 2.38 फीसदी की गिरावट रही। इसके बाद इन्फोसिस 2.04 फीसदी, टीसीएस 1.73 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.59 फीसदी नीचे रहे। एनटीपीसी में 1.47 फीसदी, एचडीएफसी बैंक में 1.45 फीसदी और बजाज फिनसर्व में 1.38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा मारुति, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई बड़े शेयर भी दबाव में रहे।
पश्चिम एशिया का तनाव और तेल की कीमतें बनी चिंता
बाजार में गिरावट के पीछे प्रमुख वजहों में पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखा जा रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के व्यापार संतुलन पर असर पड़ने की आशंका बाजार की चिंता बढ़ा सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, तेल की कीमतों और आगे बाजार में बिकवाली के रुख पर बनी हुई है। बाजार में आज की गिरावट ने एक बार फिर दिखाया है कि वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर कितनी तेजी से पड़ सकता है।


