नई दिल्ली 26 जुलाई 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी-अभी इस नई जिम्मेदारी की जानकारी मिली है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। प्रह्लाद जोशी ने कहा, “मुझे अभी-अभी पता चला है कि प्रधानमंत्री जी ने मुझे नई जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इसे पूरी ईमानदारी और लगन के साथ निभाऊंगा। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।”
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक फैसले और व्यापक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके लिए एक महत्वपूर्ण दायित्व है और वह इसे पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। अपने पहले बयान में प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले चार से पांच वर्षों में धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शिक्षा क्षेत्र में कई अहम पहल कीं।जोशी ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने का काम किया है। मैं उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने की कोशिश करूंगा।”
शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर जोर
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाएंगे और छात्रों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रह्लाद जोशी का यह पहला सार्वजनिक बयान है। ऐसे समय में यह प्रतिक्रिया आई है, जब NEET-UG 2026 को लेकर उठे विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।

