मुंबई 12 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र की राजनीति में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बाद सियासी टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बाद मनसे और शिवसेना (UBT) के नेता पुलिस स्टेशन के बाहर उतर आए। आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मोर्चा संभाला। अब सोमवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अपने आवास ‘शिवतीर्थ’ पर पार्टी के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मनसे सोमवार को इस मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाने जा रही है। वहीं, शिवसेना (UBT) ने दादर में मौन प्रदर्शन का ऐलान किया है। ऐसे में मुंबई में एक ही मुद्दे को लेकर अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के बीच महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद सड़क पर उतरे ठाकरे बंधु
रविवार को दादर के शिवाजी पार्क इलाके में CJP के समर्थन में प्रदर्शन हुआ था। पुलिस ने अनुमति के बिना प्रदर्शन करने के मामले में करीब 300 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद मनसे और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन के बाहर जुट गए और हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग करने लगे। इस दौरान आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे। दोनों नेताओं ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने पुलिस वाहन को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश भी की। बाद में दोनों नेताओं के पुलिस वाहन की छत पर चढ़कर समर्थकों का अभिवादन करने की तस्वीरें सामने आईं। विरोध के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।
राज ठाकरे की बैठक पर नजर, आंदोलन की आगे की रणनीति होगी तय
रविवार के घटनाक्रम के बाद राज ठाकरे ने सोमवार सुबह 11 बजे ‘शिवतीर्थ’ पर पार्टी के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है। इस बैठक को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि मनसे ने लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आंदोलन जारी रखने की बात कही है। बैठक में रविवार की पुलिस कार्रवाई और आगे के विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक में क्या निर्णय लिया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और CJP की ओर से विरोध जताया जा रहा है। मनसे भी सोमवार को हस्ताक्षर अभियान के जरिए इस मांग को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए मौजूदा स्थिति को ‘अघोषित इमरजेंसी’ बताया। यह देश के राजनीतिक हालात को लेकर उनका बयान है।
तेजस ठाकरे भी आए नजर, ठाकरे परिवार की मौजूदगी चर्चा में
रविवार के प्रदर्शन में तेजस ठाकरे की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। तेजस आमतौर पर सक्रिय राजनीति से दूर रहते हैं, लेकिन इस बार वह भी आंदोलन के दौरान नजर आए। आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के साथ उनकी मौजूदगी ने घटनाक्रम को अतिरिक्त राजनीतिक चर्चा में ला दिया। मनसे के हस्ताक्षर अभियान के अलावा शिवसेना (UBT) ने भी सोमवार को दादर में मौन प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी ने नागरिकों से तिरंगा लेकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
उधर, रविवार के प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के हवाले से आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे के खिलाफ भी संभावित पुलिस कार्रवाई की चर्चा है। हालांकि, दोनों नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महाराष्ट्र की सियासत में अब नजर इस बात पर है कि राज ठाकरे की बैठक के बाद मनसे आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध कितना आगे बढ़ता है।


