रायपुर, 8 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने की तैयारियों के बीच आदिवासी पहचान को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भाजपा पर आदिवासी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाते और न ही इस अवसर पर कोई कार्यक्रम आयोजित करते हैं। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “इनको आदिवासी शब्द से ही नफरत है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी द्वारा ‘वनवासी’ शब्द का विरोध किए जाने के बाद भाजपा ने ‘जनजाति’ शब्द का इस्तेमाल शुरू कर दिया।
भाजपा के लोग विश्व आदिवासी दिवस नहीं मनाते और ना कोई कार्यक्रम रखते, ना शामिल होते हैं।
इनको आदिवासी शब्द से ही नफरत है। जब से राहुल गांधी जी ने वनवासी शब्द का विरोध किया, तब इन्होंने इसे जनजाति कर दिया।
नितिन नबीन जी आ रहे हैं तो कुछ न कुछ उल-जलूल बोलेंगे क्योंकि अभी भाजपा नेताओं के बोल बिगड़े हुए हैं। सम्राट चौधरी से लेकर, केंद्रीय मंत्री मेघवाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सभी नेताओं के बोल बिगड़े हुए हैं।
अमित शाह जी का भी संतुलन बिगड़ चुका है। लोकसभा में वो कहते हैं कि SIR पे चर्चा नहीं कर सकते और यहां चुनौती दे रहे हैं कि SIR पे चर्चा कर लें।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 8, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस बयान को 15 नवंबर के आयोजन से पहले आदिवासी पहचान और राजनीतिक शब्दावली को लेकर कांग्रेस-भाजपा के बीच जारी बहस से जोड़कर देखा जा रहा है। भूपेश बघेल ने भाजपा नेता नितिन नबीन के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नितिन नबीन के आने पर कुछ न कुछ ‘उल-जलूल’ बोलेंगे। बघेल ने अपने बयान में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके बयानों में विरोधाभास है। बघेल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे पर अमित शाह के बयान को लेकर सवाल उठाए।
बघेल का आरोप है कि लोकसभा में अमित शाह कहते हैं कि SIR पर चर्चा नहीं हो सकती, जबकि दूसरी ओर वे इसी मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दे रहे हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने की तैयारी कर रही है। यह दिवस जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। ऐसे में आयोजन से ठीक पहले भूपेश बघेल का बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है। कांग्रेस जहां भाजपा की आदिवासी समाज के प्रति सोच और विश्व आदिवासी दिवस पर उसकी भूमिका को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा सरकार जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन की तैयारी कर रही है। अब इस मुद्दे पर भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार है।


