Diwali Lakshmi Puja। देशभर में आज दीपावली का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक अमावस्या के अवसर पर घरों और मंदिरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की शाम प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस वर्ष लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल के साथ वृषभ स्थिर लग्न का भी विशेष संयोग बताया गया है।
लक्ष्मी पूजन के शुभ मुहूर्त
दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के लिए बताए गए प्रमुख शुभ समय इस प्रकार हैं:
- प्रदोष काल: शाम 5:36 बजे से रात 8:02 बजे तक
- वृषभ लग्न: शाम 6:04 बजे से रात 8:01 बजे तक
- पहला श्रेष्ठ मुहूर्त: शाम 6:16 से 6:28 बजे तक
- दूसरा श्रेष्ठ मुहूर्त: शाम 6:52 से 7:05 बजे तक
धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष काल में दीप जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दौरान घरों में दीप सजाए जाते हैं और धन-धान्य की समृद्धि की कामना की जाती है।
दिवाली की रात सूप बजाकर अलक्ष्मी को विदा करने की परंपरा
दीपावली की रात कई क्षेत्रों में अलक्ष्मी को घर से बाहर करने की एक पुरानी लोक परंपरा भी निभाई जाती है। इसमें घर की महिलाएं बांस से बने सूप को बजाती हैं। मान्यता है कि सूप की आवाज से दरिद्रता और नकारात्मकता दूर होती है और मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त होता है। कुछ क्षेत्रों में महिलाएं सूप बजाते हुए घर के अलग-अलग हिस्सों में जाती हैं और फिर घर के बाहर जाकर अलक्ष्मी को प्रतीकात्मक रूप से विदा करती हैं। हालांकि, यह परंपरा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तरीके से निभाई जाती है।
रात में भी लक्ष्मी पूजन के शुभ समय
जो श्रद्धालु रात में पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए भी शुभ समय बताए गए हैं। पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर की रात सिंह स्थिर लग्न रात 12:34 बजे से 2:50 बजे तक रहेगा। वहीं रात्रि चौघड़िया के अनुसार लाभ का मुहूर्त रात 1:49 बजे से 3:27 बजे तक बताया गया है। इसके अलावा सुबह 5:55 बजे से 6:45 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा, स्थानीय पंचांग और पूजा-विधान के अनुसार लक्ष्मी-गणेश का पूजन कर सकते हैं।


