रायपुर 15 जुलाई 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े कथित हजारों करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। एजेंसी का कहना है कि इस दौरान हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों, विदेशी लेनदेन और कथित अवैध धन के निवेश से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। ED ने विकास गर्ग को मंगलवार को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया और फिर रायपुर लाया गया।
आज बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत में करीब छह घंटे चली सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी हिरासत में भेजने की अनुमति दे दी। जांच एजेंसी का दावा है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इनमें दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर स्थित आवासीय संपत्तियां, जमीन, शेयर, प्रतिभूतियां और अन्य निवेश शामिल हैं। ईडी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप की शुरुआत छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने कोविड-19 महामारी के दौरान की थी।
एजेंसी का आरोप है कि समय के साथ यह ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क देश और विदेश तक फैल गया और इसके जरिए हजारों करोड़ रुपये का कथित अवैध कारोबार संचालित किया गया। जांच में आरोप है कि सट्टेबाजी से अर्जित धन हवाला के जरिए दुबई सहित अन्य देशों में भेजा गया और बाद में विभिन्न कंपनियों के माध्यम से उसे वैध निवेश के रूप में भारत वापस लाया गया। ईडी की जांच में सामने आया है कि महादेव ऐप के प्रमोटरों ने स्काई एक्सचेंज नामक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया। एजेंसी का आरोप है कि दुबई स्थित स्काई एक्सचेंज नेटवर्क और कथित हवाला ऑपरेटर हरि शंकर तिबड़ेवाल के जरिए करोड़ों रुपये भारत भेजे गए। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह धन विभिन्न कंपनियों के माध्यम से विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों तक पहुंचा और बाद में उसे वैध कारोबारी निवेश का स्वरूप दिया गया।
1,300 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जांच के दायरे में
ईडी का दावा है कि विकास गर्ग की कंपनी एराया लाइफस्पेस लिमिटेड को स्काई एक्सचेंज के माध्यम से 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई। आरोप है कि इसी राशि का इस्तेमाल अमेरिका की दिवालिया घोषित कंपनी एबिक्स ग्रुप के करीब 1,273.25 करोड़ रुपये के अधिग्रहण में किया गया। एजेंसी का कहना है कि अब तक इस कथित लेनदेन के 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से का मनी ट्रेल स्थापित किया जा चुका है, जबकि शेष लेनदेन और उससे जुड़े लाभार्थियों की जांच जारी है।
‘लेयरिंग’ के जरिए धन को वैध बनाने का आरोप
ईडी की जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित अवैध धन का सीधे निवेश नहीं किया गया, बल्कि पहले उसे कई कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से अलग-अलग स्तरों पर स्थानांतरित किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग की इस प्रक्रिया को ‘लेयरिंग’ कहा जाता है। इसके बाद कथित तौर पर इस धन का इस्तेमाल शेयर खरीदने, कंपनियों में निवेश करने, जमीन खरीदने और अन्य परिसंपत्तियां अर्जित करने में किया गया। अब 10 दिन की ईडी रिमांड के दौरान एजेंसी विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे कथित वित्तीय नेटवर्क, मनी ट्रेल और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करेगी। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

