रायपुर 9 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत आईएएस विजय दयाराम के. को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे संतोष कुमार देवांगन का स्थान लेंगे। वहीं संतोष कुमार देवांगन को विशेष सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विजय दयाराम के. इससे पहले संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
इसी तरह आईएएस हेमंत रमेश नंदनवार (2020 बैच) को संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।वहीं आईएएस सुमित अग्रवाल (2021 बैच) को छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद रिमिजियुस एक्का को SUDA के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। हालांकि वे संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पद पर पूर्ववत कार्य करते रहेंगे।
इसके अलावा आईएएस अनुपमा आनंद (2023 बैच) को नई जिम्मेदारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत महासमुंद नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे सरायपाली (महासमुंद) में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं। राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभागों के कार्यों में गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विजय दयाराम ने जगदलपुर में विकास कार्यों से बनाई अलग पहचान
जीपीएम के नए कलेक्टर विजय दयाराम के. इससे पहले जगदलपुर कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई उल्लेखनीय विकास कार्यों के कारण चर्चा में रहे। उनके कार्यकाल में बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई नवाचार किए गए।
जगदलपुर में उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस किया, जिससे पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचा। सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ जनचौपाल और समाधान शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल भी उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रही। इसके अलावा, बस्तर की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार, महिला स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
जीपीएम जिले में विकास को मिलेगी नई गति
प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विजय दयाराम के. की नियुक्ति से विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि वे अपने पूर्व अनुभव और प्रशासनिक नवाचारों का लाभ जीपीएम जिले को भी दिलाने का प्रयास करेंगे। राज्य सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा विकास कार्यों को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



