Health Tips: मानसून में बारिश के साथ पेट से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। नमी, दूषित पानी और खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया के पनपने से बदहजमी, गैस, पेट दर्द, दस्त और फूड इंफेक्शन जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। ऐसे में इस मौसम में खान-पान को लेकर थोड़ी सी सावधानी आपको कई परेशानियों से बचा सकती है। डॉ. अमित मिगलानी के मुताबिक, बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ने से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा दूषित पानी और संक्रमित भोजन के जरिए बैक्टीरिया या अन्य रोगाणु शरीर में पहुंच सकते हैं। इसलिए मानसून में ताजा और साफ भोजन करना बेहद जरूरी है।
मानसून में क्या खाएं ?
डॉक्टर के मुताबिक इस मौसम में घर का बना ताजा और गर्म खाना प्राथमिकता होनी चाहिए। डाइट में दलिया, खिचड़ी, मूंग की दाल और अच्छी तरह पकी हुई सब्जियां शामिल की जा सकती हैं। ये खाद्य पदार्थ अपेक्षाकृत आसानी से पचते हैं। पानी को उबालकर या अच्छी तरह फिल्टर करके पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए साफ-सुथरे स्रोत से नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ लिया जा सकता है। खाने में हल्दी, अदरक, लहसुन और जीरे जैसे मसालों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी चीज का सेवन अपनी व्यक्तिगत सेहत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।
इन चीजों से दूरी बनाना बेहतर
मानसून में खुले में बिकने वाला या पहले से कटा हुआ सलाद और फल खाने से बचना चाहिए। नमी और अस्वच्छ परिस्थितियों में इनमें संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गोलगप्पे, चाट, पकौड़े और सड़क किनारे मिलने वाली तली-भुनी चीजों में इस्तेमाल होने वाले पानी और तेल की गुणवत्ता को लेकर भी सावधानी जरूरी है। सी-फूड को भी अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए, क्योंकि गलत तरीके से रखे या अधपके सी-फूड से फूड-बॉर्न इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और पकाकर ही खाएं। खासकर ऐसी सब्जियों में मिट्टी या छोटे कीड़े छिपे हो सकते हैं।कोल्ड ड्रिंक और सोडा जैसे कार्बोनेटेड पेय कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग की समस्या बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित रखना बेहतर है।
हाथों की सफाई सबसे जरूरी
मानसून में पेट के संक्रमण से बचने के लिए खाना बनाने और खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोना जरूरी है। साथ ही पीने के पानी और किचन की साफ-सफाई का भी ध्यान रखें। पाचन तंत्र पर अनावश्यक दबाव न डालें। बहुत ज्यादा खाना या पेट भरा होने के बावजूद बार-बार खाने से बचें।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर दस्त या उल्टी लगातार हो रही हो, पेट में तेज दर्द या ऐंठन हो, बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य पेट खराब होना समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। मानसून में स्वस्थ रहने का आसान मंत्र है….साफ पानी, ताजा खाना, अच्छी स्वच्छता और बाहर के असुरक्षित खान-पान से सावधानी।


