Health Tips: दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है। कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर दूध बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन अगर यही दूध मिलावटी या नकली हो, तो यह पोषण देने के बजाय शरीर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में हाल ही में नकली दूध बनाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद एक बार फिर दूध की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई में एक ऐसी फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ, जहां बड़ी मात्रा में नकली दूध, मिल्क पाउडर और ऐसे रसायन मिले, जिनका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह अवैध कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा था और इससे करोड़ों रुपये का कारोबार किया जा रहा था।
नकली दूध से क्या हो सकते हैं खतरे ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावटी दूध में डिटर्जेंट, सिंथेटिक केमिकल, यूरिया, स्टार्च या अन्य हानिकारक पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। ऐसे दूध के लगातार सेवन से पेट संबंधी समस्याएं, उल्टी, दस्त, किडनी और लिवर पर असर, बच्चों की वृद्धि में बाधा और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. समीर भाटी के अनुसार, कुछ आसान तरीकों से घर पर भी दूध की गुणवत्ता का प्राथमिक परीक्षण किया जा सकता है।
- बूंद परीक्षण: किसी चिकनी सतह पर दूध की एक बूंद डालें। शुद्ध दूध धीरे-धीरे नीचे की ओर बहता है और पीछे सफेद निशान छोड़ता है, जबकि मिलावटी दूध तेजी से बह सकता है।
- रगड़कर देखें: दूध की कुछ बूंदें उंगलियों के बीच रगड़ें। शुद्ध दूध मुलायम महसूस होता है, जबकि डिटर्जेंट मिला दूध साबुन जैसा चिकनापन दे सकता है।
- उबालने पर ध्यान दें: असली दूध उबलने पर ऊपर मोटी मलाई की परत बनाता है। नकली या अधिक मिलावटी दूध में यह परत सामान्य से कम हो सकती है।
- गंध और स्वाद: यदि दूध से रसायन जैसी गंध आए या स्वाद असामान्य लगे, तो उसका सेवन करने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या प्रमाणित डेयरी से ही दूध खरीदें। पैकेट पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जरूर जांचें। यदि खुला दूध खरीद रहे हैं और उसकी गुणवत्ता पर संदेह हो, तो उसका सेवन न करें।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
धाराशिव में सामने आया मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी भी है। रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर जागरूक रहना बेहद जरूरी है। यदि दूध के रंग, गंध, स्वाद या बनावट में किसी तरह की असामान्यता दिखाई दे, तो उसकी शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से करें। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार तभी फायदेमंद है, जब वह शुद्ध और सुरक्षित हो। इसलिए दूध खरीदते समय थोड़ी सतर्कता आपके और आपके परिवार के स्वास्थ्य की बड़ी सुरक्षा बन सकती है।
