कोरबा 16 अगस्त 2026। उत्तर छत्तीसगढ़ और हसदेव कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब कोरबा के मिनीमाता हसदेव बांगो बांध पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ती पानी की आवक के बीच रविवार शाम तक बांध के कुल 9 गेट खोल दिए गए। इन गेटों से करीब 32,080 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है, जबकि जल विद्युत संयंत्र से भी करीब 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मौजूदा वक्त में बांगो बांध से कुल 41,080 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड हसदेव नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे पहले 15 अगस्त को बांध के तीन गेट खोले गए थे। पानी की आवक बढ़ने के साथ धीरे-धीरे गेटों की संख्या बढ़ाई गई और रविवार तक यह संख्या 9 पहुंच गई।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक रविवार शाम करीब 4 बजे बांध का जलस्तर 358.60 मीटर था। यह बांध की कुल भराव क्षमता का करीब 93.65 प्रतिशत है। हालांकि पिछले सात घंटे में जलस्तर करीब 7 सेंटीमीटर नीचे आया है। फिलहाल बांध में करीब 16,700 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसके मुकाबले 9 गेटों से 32,080 क्यूसेक और जल विद्युत संयंत्र से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर के 358.32 मीटर यानी करीब 92 प्रतिशत तक नीचे आने के बाद गेटों को बंद किए जाने की संभावना है। इसके बाद बांध में आने वाले पानी की निकासी जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से किए जाने की योजना है।
लगातार बारिश से बढ़ी बांध में पानी की आवक
उत्तर छत्तीसगढ़ और हसदेव कैचमेंट एरिया में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। इसी वजह से बांगो जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ती रही। 15 अगस्त की सुबह जलभराव 358.7 मीटर तक पहुंचने के बाद पहले तीन गेट खोले गए थे। इसके बाद पानी की आवक बढ़ने पर चार और गेट खोले गए और फिर रविवार को कुल 9 गेटों से पानी की निकासी शुरू करनी पड़ी। जल संसाधन विभाग लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर नजर बनाए हुए है। बारिश की स्थिति और जलाशय में आने वाले पानी के आधार पर आगे गेटों की ओपनिंग में बदलाव किया जा सकता है।
हसदेव नदी के किनारे बसी बस्तियों में घुसा पानी
बांगो बांध से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने का सीधा असर हसदेव नदी के तटीय और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से सीतामढ़ी समेत कई निचली बस्तियों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
34 गांवों में पहले से अलर्ट
बांगो बांध से लगातार पानी छोड़े जाने को देखते हुए हसदेव नदी के आसपास के 34 गांवों में पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की जानकारी दी जा रही है। लोगों से नदी के तेज बहाव और जलभराव वाले क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील की गई है। साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है। मौसम विभाग ने सरगुजा और बिलासपुर संभाग में अगले कुछ दिनों तक भारी से मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।
कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में बांगो बांध और हसदेव नदी की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। एक तरफ कैचमेंट एरिया में बारिश से जलाशय में पानी की आवक बनी हुई है, तो दूसरी तरफ बांध से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण नदी के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ रहा है। फिलहाल बांगो बांध के 9 गेट खुले हैं और कुल 41,080 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है।


