कोरबा, 9 सितंबर 2026। 9 सितंबर 2026। कोरबा में एक कॉलेज छात्रा की मौत के बाद छेड़छाड़ और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कालेज छात्रा आये दिन होने वाले छेड़छा़ की घटना से मानसिक रूप से परेशान थी। परिजनों का आरोप है कि गांव के नाबालिग की इस करतूत की पुलिस को शिकायत भी की गयी, लेकिन पुलिस ने समय रहते एक्शन नहीं लिया। जिससे परेशान होकर छात्रा ने जहर सेवन कर लिया और अस्पताल में तीन दिनों तक चले उपचार के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला पाली थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि 12वीं बोर्ड की परीक्षा पास करने के बाद छात्रा ने इस वर्ष कालेज के प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था। मृत छात्रा की मां और भाईयों ने आरोप लगाया है कि गांव में रहने वाला 17 साल का नाबालिग लंबे समय से उनकी बहन को परेशान कर रहा था। कॉलेज आते-जाते समय वह उसका रास्ता रोककर छेड़छाड़ करता था। साथ ही मां और भाई के नाम सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या की धमकी देकर युवती पर मिलने का दबाव बनाता था। परिवार के अनुसार, उन्होंने कई बार नाबालिग को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। परिजनों के मुताबिक 3 सितंबर को छात्रा ने चूहा मारने वाली दवा खा ली।
इसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे तत्काल पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छात्रा का करीब तीन दिन तक इलाज चला, लेकिन रविवार शाम उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि लगातार हो रही छेड़छाड़ और कथित दबाव के कारण छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। परिवार के सदस्यों के मुताबिक वह कई बार अपनी जिंदगी खत्म करने की बात भी कहती थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी तीन महीने पहले पुलिस को भी दी थी। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती. तो शायद छात्रा को बचाया जा सकता था।
पुलिस अब वैधानिक कार्रवाई की बात कह रही
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में आरोपी नाबालिग होने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत होने की संभावना है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्रा की मौत के लिए किन परिस्थितियों और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
परिजनों के आरोपों से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के साथ-साथ शिकायतों पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर परिजनों ने पहले ही नाबालिग की हरकतों की जानकारी पुलिस को दी थी, तो उस समय क्या कार्रवाई की गई थी ? फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पूर्व में पुलिस को कोई शिकायत मिली थी या नहीं और यदि मिली थी, तो उस पर क्या कार्रवाई की गई। मामले में छात्रा की मौत के बाद परिवार न्याय और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


