रायपुर 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने रायपुर स्थित ED कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। भूपेश बघेल ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के पास ठोस सबूत नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को परेशान करने के लिए जांच का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आज रायपुर के राजीव गांधी चौक में हम सब कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार द्वारा ED, IT, CBI के माध्यम से राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई के खिलाफ आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल जी की गिरफ़्तारी सहित कांग्रेसजनों पर… pic.twitter.com/QDpV8cv3Ah
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) August 12, 2026
गौरतलब है कि ईओडब्लू के बाद अब ईडी ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी प्रदेश में हुए 3300 करोड़ रूपये के शराब घोटाला मामले मेें रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के विरोध में आज कांग्रेसियों ने रायपुर के राजीव गांधी चौक पर धरना प्रदर्शन किया। ED कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने सरकार को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार दोबारा बनी तो कार्रवाई करने वालों से भी हिसाब लिया जाएगा। बघेल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
रामगोपाल अग्रवाल 5 दिन की ED रिमांड पर
ED ने रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर रायपुर कोर्ट में पेश किया था। अदालत ने उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेजा है। उन्हें 17 अगस्त को फिर अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले मंगलवार को कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि कार्रवाई का मकसद जांच से ज्यादा परेशान करना है। जांच एजेंसियों के मुताबिक कथित शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ।
ED इससे पहले भी इस मामले में कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि जांच एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। ऐसे में मामला अब कानूनी जांच के साथ-साथ राजनीतिक टकराव का भी केंद्र बन गया है। भूपेश बघेल का ‘सबका हिसाब होगा’ वाला बयान इस सियासी लड़ाई को और तीखा कर रहा है। अब आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों पर सबकी नजर रहेगी।


