रायगढ़ 18 सितंबर 2026। रायगढ़ के पुसौर नगर पंचायत में भाजपा से जुड़े 8 पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे की खबर ने छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है। पार्षदों ने नगर पंचायत के कामकाज, अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साय सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा है, उन्होने एक्स पर लिखा….“गारंटी ढेर हो चुकी है, डबल इंजन से धुआं निकल रहा है, सरकार ठप है।” वहीं दूसरी तरफ सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस घटनाक्रम को राजनीति में होने वाली सामान्य प्रक्रिया बताया है।
रायगढ़ में 8 भाजपा पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है.
गारंटी ढेर हो चुकी है, डबल इंजन से धुआँ निकल रहा है, सरकार ठप है.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 18, 2026
गौरतलब है कि रायगढ़ के पुसौर नगर पंचायत के 8 बीजेपी पार्षदों ने एक साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्या से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। सामूहिक त्यागपत्र में पार्षदों ने नगर पंचायत के कामकाज को लेकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके वार्डों में पानी, बिजली, सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। पार्षद निधि से संबंधित कार्यों को लेकर भी उन्होंने असंतोष जताया है।त्यागपत्र में पार्षदों ने शासकीय कर्मचारियों और नगर पंचायत अध्यक्ष पर कथित उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा है कि विकास कार्यों की स्थिति से वे बेहद परेशान हैं और इसी वजह से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देना उचित समझते हैं।
पुसौर में हुए इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राजनीति गरमा गयी है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि….”रायगढ़ में 8 भाजपा पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. गारंटी ढेर हो चुकी है, डबल इंजन से धुआँ निकल रहा है, सरकार ठप है. वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने इसी इस्तीफे को लेकर अपने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा….“मोदी जी के जन्मदिन पर रायगढ़ के पुसौर से भाजपा पार्षदों ने रिटर्न गिफ्ट में इस्तीफा दे दिया। विकास के दावे आसमान परए जमीन पर हाल ऐसा कि भाजपा के अपने पार्षद ही ‘विकास कार्यों की शून्यता‘ का आरोप लगाकर इस्तीफा दे रहे हैं।”कांग्रेस इस घटनाक्रम को स्थानीय निकाय में भाजपा के भीतर असंतोष से जोड़कर जनता के सामने ला रही है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- राजनीति में इस्तीफे होते रहते हैं
वहीं, भाजपा की ओर से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया है। उनका कहना है कि राजनीति में अलग-अलग परिस्थितियों और कारणों के चलते लोग इस्तीफा देते रहते हैं। दूसरी ओर उपलब्ध रिपोर्टों में भाजपा जिलाध्यक्ष अरुणधर दीवान की ओर से इस्तीफे को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में उनके पास त्यागपत्र सौंपे जाने की बात कही गई है, जबकि एक रिपोर्ट में दीवान के हवाले से कहा गया कि उन्हें अभी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ और उन्होंने पार्षदों को बातचीत के लिए बुलाया है।
पुसौर नगर पंचायत में एक साथ 8 भाजपा पार्षदों के इस्तीफे की पेशकश या इस्तीफे की खबर ने स्थानीय संगठन के सामने सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर पानी, बिजली, सड़क, नाली और पार्षद निधि जैसे स्थानीय मुद्दों को लेकर जताई गई नाराजगी अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है। कांग्रेस इसे सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने का मुद्दा बना रही है, जबकि भाजपा की ओर से इसे सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम बताया जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा संगठन इन पार्षदों से बातचीत कर मामले को सुलझाता है या पुसौर का यह विवाद आगे चलकर स्थानीय निकाय की राजनीति में कोई नया मोड़ लाता है।


