रायपुर 18 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के प्रयास संस्था स्कूल से सामने आया एक मामला कई सवाल खड़े कर रहा है। यहां 9वीं कक्षा के एक छात्र पर ‘तांत्रिक क्रिया’ करने का आरोप लगाया गया और कुछ ही दिनों बाद उसे संस्था से बाहर कर ट्रांसफर सर्टिफिकेट थमा दिया गया।आरोप है कि स्कूल में छात्र को तांत्रिक क्रिया करते देखने के बाद साथ में रहने वाले बच्चे डर गये। मामले की जानकारी के बाद स्कूल प्रबंधन ने इस पर एक्शन लिया गया। इस पूरे प्रकरण के बाद अब छात्र के परिजनों ने मुख्यमंत्री शिकायत सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला प्रयास संस्था विद्यालय का है। परिजनों के मुताबिक छात्र का प्रयास संस्था में 3 सितंबर को एडमिशन कराया गया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य बताया गया, लेकिन कुछ समय बाद संस्था की ओर से बच्चे पर तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद छात्र को संस्था से बाहर कर दिया गया और उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट दे दिया गया। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के खिलाफ कार्रवाई से पहले उन्हें पूरे मामले की जानकारी नहीं दी गई। कार्रवाई होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिली।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छात्र पर तांत्रिक क्रिया करने का आरोप किस घटना या किस आधार पर लगाया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें बच्चे के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं दी गई। फिलहाल इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संस्था की ओर से मामले में विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। परिजनों ने संस्था के अधिकारियों पर कुछ दस्तावेजों में कथित तौर पर जबरन हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, परिवार ने प्राचार्य प्रमिला शुक्ला पर धमकाने का भी आरोप लगाया है।
परिजनों का दावा है कि उन्हें बच्चे का पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटनाक्रम के बाद परिजन बच्चे को लेकर महासमुंद लौट गए हैं। मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री शिकायत सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। परिवार ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले में कई सवाल ऐसे हैं, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
छात्र पर ‘तांत्रिक क्रिया’ का आरोप किस आधार पर लगाया गया? संस्था ने बच्चे को बाहर करने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई? क्या परिजनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया? और दस्तावेजों पर कथित रूप से हस्ताक्षर कराने के आरोपों में कितनी सच्चाई है?फिलहाल परिजनों की शिकायत के बाद मामला मुख्यमंत्री शिकायत सेल तक पहुंच चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में इस अजीबोगरीब मामले के पीछे की असली कहानी क्या सामने आती है।


