रायपुर 21 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। रजिस्ट्री कार्यालयों में बढ़ती भीड़ और नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का फैसला लिया है। नए केंद्र शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर जमीन और मकान की रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खासतौर पर आउटर और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
राजधानी में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री के बाद रजिस्ट्री का काम लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रायपुर में रोजाना करीब 400 संपत्तियों की रजिस्ट्री हो रही है। बड़ी संख्या में आवेदनों के कारण मौजूदा रजिस्ट्री कार्यालयों में लोगों की भीड़ रहती है। कई लोगों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले नागरिकों के लिए यह परेशानी और बढ़ जाती है। बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी कार्यालय तक पहुंचने और प्रक्रिया पूरी करने में समय और अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।
आउटर इलाकों में खुलेंगे नए रजिस्ट्री केंद्र
प्रशासन ने नई व्यवस्था के लिए शहर के बाहरी इलाकों में उपयुक्त भवनों की तलाश शुरू कर दी है। प्रस्तावित नए रजिस्ट्री केंद्रों में प्रमुख रूप से टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार और बीरगांव-सिलतरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों के लोगों को हर बार रजिस्ट्री के लिए शहर के मौजूदा कार्यालयों तक आने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रा में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम होने की उम्मीद है।
फिलहाल रजिस्ट्री का काम सीमित कार्यालयों के जरिए संचालित होने के कारण कई क्षेत्रों से लोगों को दूर जाना पड़ता है। 7 नए कार्यालय शुरू होने के बाद कुल 14 स्थानों पर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक विकेंद्रीकृत करना और संपत्ति पंजीयन से जुड़ी सेवाओं को नागरिकों के नजदीक पहुंचाना है।
ऑनलाइन और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
नए रजिस्ट्री केंद्रों में डिजिटल सुविधाओं के जरिए प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया बढ़ने से दस्तावेजों और आवेदन से जुड़े काम को अधिक पारदर्शी तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है। प्रशासन का यह कदम रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ कम करने के साथ-साथ बिचौलियों की भूमिका सीमित करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। हालांकि नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने के बाद इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।


