कोरबा 6 सितंबर 2026। कोरबा में कोयला खनन से प्रभावित गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने रविवार को ढेलवाडीह, जवाली, डोंगरी, रंजना, बतारी और बेलटिकरी गांवों का दौरा किया। इस दौरान कलेक्टर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और गांवों के समग्र विकास के लिए पंचायतों से कार्ययोजना तैयार करने को कहा। कलेक्टर ने सरपंचों से कहा कि पंचों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांव की प्राथमिक जरूरतों की सूची तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए पेयजल, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
खनन प्रभावित गांवो में जमीनी हकीकत जानने पहुंचे कलेक्टर कुणाल दुदावत ने गांवों में जिला खनिज न्यास (DMF) से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पुराने और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने तथा नए स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायतें स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करेंगी, उन्हें आगे नए विकास कार्यों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। गांवों में सड़क मरम्मत, पेयजल के लिए बोर और सोलर ड्यूल पंप, पानी की टंकियां, जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत तथा जरूरत के अनुसार नए आंगनबाड़ी और सामुदायिक भवन बनाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बिजली बिल की शिकायतों के लिए गांव में लगेगा शिविर
ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने अधिक बिजली बिल आने की शिकायत रखी। इस पर उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव में शिविर लगाकर बिजली बिलों की जांच करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास उपयुक्त छत है, वे ग्राम पंचायत के माध्यम से सोलर सिस्टम के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं जिन घरों में छत की वजह से सोलर सिस्टम लगाना संभव नहीं है, वे 8 से 15 परिवारों का समूह बनाकर सामूहिक सोलर सिस्टम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर जोर, NEET-JEE की तैयारी में मदद
कलेक्टर ने ग्रामीणों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए जिला प्रशासन की ओर से सहयोग दिया जा रहा है। 10वीं पास विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवासीय कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं 12वीं के बाद देश के बड़े शासकीय शिक्षण संस्थानों में मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस संबंधित संस्था को जिला प्रशासन द्वारा दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी ली और पात्र लेकिन वंचित महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को लाइवलीहुड कॉलेज के जरिए सिलाई समेत विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी जरूरत के अनुसार ई-रिक्शा, दोना-पत्तल मशीन, मिनी राइस मिल, आटा चक्की, कोसा धागाकरण, स्कूल ड्रेस निर्माण, सिलाई, प्रिंटिंग प्रेस और कचरा संग्रहण जैसे कार्यों के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है।
कलेक्टर ने किसानों को धान विक्रय के लिए चल रहे डिजिटल सर्वे और गिरदावरी की जानकारी दी। उन्होंने नए किसानों से 30 सितंबर तक पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का पिछले वर्ष पंजीयन हो चुका है, उन्हें दोबारा पंजीयन की जरूरत नहीं है। हालांकि नए शासकीय या वन पट्टे, रकबे में संशोधन अथवा पिछले साल पंजीयन नहीं करा पाने वाले किसानों को निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई। कलेक्टर ने किसानों से 2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा में उपस्थित रहने और गिरदावरी सूची में अपने नाम एवं रकबे की जानकारी का मिलान करने की भी अपील की। गांवों में आवागमन की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने ग्रामीणों से गांव के किसी उपयुक्त युवक का चयन करने को कहा, जो ई-रिक्शा चलाकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को गांव से दूसरे गांव तक आने-जाने की सुविधा दे सके। जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदारों को तीन महीने के भीतर पेयजलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि घर-घर पानी पहुंचने के बाद ही कार्यों का सत्यापन और भुगतान किया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायतों से पेयजल व्यवस्था शुरू होने के बाद बिजली बिल और पंप की मरम्मत जैसी जरूरतों के लिए नियमानुसार राशि की व्यवस्था करने को कहा।
शिकायतों पर जांच और कार्रवाई के निर्देश
ग्रामीणों की शिकायतों पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इनमें वन पट्टे, अधिक बिजली बिल, अवैध शराब और गांजा बिक्री से जुड़ी शिकायतें शामिल हैं। डोंगरी उच्चतर विद्यालय के स्वीकृत भवन का निर्माण अधूरा छोड़ने के मामले की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्राम बेलटिकरी में मानदेय शिक्षक की भर्ती में कथित अनियमितता की शिकायत की जांच करने को कहा गया है। ग्रामीणों ने पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कचरा संग्रहण, बाजार शेड, उप स्वास्थ्य केंद्र में पेवर ब्लॉक, जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत, सीसी सड़क, नालियों की सफाई और देवगुड़ी के विकास समेत कई मांगें कलेक्टर के सामने रखीं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को इन मांगों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित गांवों में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ग्रामीणों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्रामीणों से भी विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाकर अपने गांव को आदर्श ग्राम बनाने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, एसडीएम कटघोरा विपिन दुबे, अपर कलेक्टर माधुरी सोम ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


