कोरबा 25 अक्टूबर 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा जिले में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पहल की है। इसके तहत जिले के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कौशल अंतर आकलन एवं भावी कार्यबल मानचित्रण रिपोर्ट पर चर्चा हुई। इसमें उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के साथ आने वाले वर्षों में आवश्यक कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता पर भी मंथन किया गया।
गौरतलब है कि कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत जिले में बेहतर शिक्षा व्यवस्था विकसित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में लगातार कार्ययोजनाएं तैयार कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर स्थानीय औद्योगिक संस्थानों में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इस उद्देश्य से कलेक्टर ने जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी वर्तमान और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थान उपलब्ध हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की मांग के अनुरूप बनाना जरूरी है।
इसके लिए उद्योगों को आईटीआई से जोड़कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया गया। साथ हीए युवाओं को उद्योगों में अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें व्यावहारिक अनुभव मिल सके। कलेक्टर ने औद्योगिक संस्थानों से आगामी तीन वर्षों में आवश्यक ट्रेड और कुशल कार्यबल की जानकारी लिखित रूप में देने का आग्रह किया। इसके आधार पर युवाओं के प्रशिक्षण की जरूरतों का आकलन करने और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं, आईटीआई में अगले पांच वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों और उभरते ट्रेडों में प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य युवाओं को बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुसार कौशल प्रदान करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर उद्योगों को मिल सकता है प्रोत्साहन
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि राज्य की औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों द्वारा अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उद्योग स्थापना और प्रशिक्षण शुल्क में छूट का लाभ मिल सकता है। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ प्रतीक जैन, उद्योग विभाग, जिला रोजगार कार्यालय, लाइवलीहुड कॉलेज, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एनटीपीसी, बालको, अदाणी, एसीबी इंडिया और एसईसीएल सहित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कलेक्टर की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं के कौशल को उद्योगों की मांग से जोड़ना है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी कम हो और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकें।


