गीर-चांपा 2 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सरकारी स्कूल के एक प्रधान पाठक को नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इधर, जिला शिक्षा अधिकारी ने भी आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला तेलीपारा डोंगाकोहरौद का है। आरोप है कि 31 जुलाई को स्कूल के प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक ने स्कूल परिसर में एक नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और गलत नियत से अनुचित हरकत की। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंचे, जहां आरोपी प्रधान पाठक कथित तौर पर अर्धनग्न अवस्था में कुर्सी पर बैठा मिला।
ग्रामीणों ने उसका वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी प्रधान पाठक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 और 12 के तहत मामला दर्ज किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
इसके बाद बीईओ पामगढ़ ने जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने प्रधान पाठक भुवनेश्वर कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया उनका आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया है और यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं शिक्षा विभाग भी मामले में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।

