गरियाबंद 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध रूप से सागौन की लकड़ी का चिरान और भंडारण किए जाने के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई की है। देवभोग के बरकानी-कैंटपदर क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर सर्च कार्रवाई करते हुए कुल 21 नग सागौन चिरान लकड़ी बरामद की है। जब्त लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है। वन विभाग के मुताबिक, इलाके में सागौन की लकड़ी के अवैध चिरान और भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सर्च वारंट के तहत कार्रवाई की।
सर्च वारंट मिलने के बाद वन विभाग की टीम बरकानी-कैंटपदर क्षेत्र में पहुंची। यहां लाल सिंह गांझी और जगत राम यादव के घर-बाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वन अमले को अलग-अलग स्थानों पर रखी सागौन की चिरान लकड़ी मिली। टीम ने मौके से कुल 21 नग सागौन चिरान जब्त कर लिया। वन विभाग ने बरामद सागौन लकड़ी की बाजार कीमत करीब 1 लाख रुपये आंकी है। जब्त लकड़ी को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी मात्रा में सागौन की लकड़ी कहां से लाई गई थी और उसका चिरान किस उद्देश्य से किया गया था। कार्रवाई के बाद वन विभाग ने बरामद लकड़ी से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
साथ ही लकड़ी के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बरामद लकड़ी वैध तरीके से प्राप्त की गई थी या फिर इसे अवैध कटाई अथवा परिवहन के जरिए यहां लाया गया था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी काटने और उसका चिरान कर भंडारण करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। वन विभाग का कहना है कि वन संपदा की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। अवैध कटाई, परिवहन, चिरान या भंडारण की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल 21 नग सागौन चिरान जब्त किए जाने के बाद विभाग की जांच आगे बढ़ रही है। लकड़ी के वास्तविक स्रोत और उससे जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


