कोरबा 16 अगस्त 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा जिले में एसईसीएल की खदानों में लगातार सामने आई डकैती की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये थे। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान के साथ ही दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातों के बाद पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया है। हालांकि इस गिरोह का सरगना और कुछ अन्य सदस्य अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी के सख्त निर्देश के बाद जहां शहरी क्षेत्र में कबाड़ माफिया अंडरग्राउंड हो गये है। वहीं दूसरी तरफ जिले के उपनगरीय क्षेत्र में कबाड़ माफियाओं का आतंक कानून व्यवस्था पर भारी पड़ता नजर आ रहा था। कबाड़ चोर गैंग के दुस्साहस के लिए जिले का बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र, पूर्व से ही चर्चाओं में रहा है, वहीं दीपका थाना क्षेत्र में भी पिछले दिनों कबाड़ चोरों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान के साथ ही दीपका माइंस में हुए डकैती की वारदात ने पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया था।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिरों को सक्रिय करने के साथ संदिग्धों की निगरानी शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।पुलिस ने डकैती की इन वारदातों में शामिल राजपाल चौहान, फिरोज मेमन, निकेश कुमार कश्यप और होरीलाल केवट को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि एसईसीएल की खदान और उनसे जुड़े सबस्टेशन संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। ऐसे इलाकों में हथियारबंद गिरोह का पहुंचना और लगातार वारदात करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। 5 आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद जरूर मिलेगी, लेकिन जब तक गिरोह के बाकी सदस्यों और कथित सरगना की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक इन वारदातों का पूरा सच सामने आना अब भी बाकी है।


