बिलासपुर 5 सितंबर 2026। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पिस्टल की नोक पर लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह रही कि आरोपियों के बीच लूटे गए पैसे और गहनों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद ने पूरे गिरोह का राज खोल दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, लूटे गए सोने के जेवरात, कार, बाइक और 6 मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह इस गिरोह का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह ने पहली वारदात 8 जुलाई को अंजाम दी थी। बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपये का कलेक्शन लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी का आरोपियों ने सलका डैम मोड़ के पास पीछा किया और उसे धक्का देकर उसका बैग लूट लिया। इस वारदात के बाद आरोपियों ने दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। 18 जुलाई को आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर धावा बोल दिया। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने मारपीट की और पिस्टल का भय दिखाकर करीब 50 हजार रुपये कीमत के सोने के जेवरात लूट लिए।
दोनों वारदातों के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। संदिग्धों पर नजर रखने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। पुलिस के मुताबिक करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर कोटा पेट्रोल पंप के पास लुटेरों के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गिरोह में शामिल एक युवक सीधे थाने पहुंच गया और मारपीट की शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। पूछताछ के दौरान जब विवाद की असली वजह जानने के लिए सख्ती से पूछताछ की गई तो शिकायतकर्ता ने लूट की वारदातों का पूरा राज उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को दिनभर अभियान चलाकर गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
मास्टरमाइंड ने साथियों के साथ रची थी साजिश
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सूत्रधार मंझगांव निवासी राकेश जायसवाल था। उसने अपने साथी दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। वारदात में इस्तेमाल पिस्टल की व्यवस्था करने के लिए आरोपी सनी सिंह उन्हें मध्य प्रदेश के रीवा लेकर गया था। पुलिस के मुताबिक, सनी ने अपने भाई के जरिए अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई थी। आरोपियों ने लूट से मिलने वाली रकम और जेवरात को आपस में बांटने की योजना बनाई थी, लेकिन यही बंटवारा बाद में उनके बीच विवाद की वजह बना और गिरोह पुलिस के शिकंजे में पहुंच गया।
लूट का सोना सर्राफा कारोबारी को बेचा
जांच में यह भी सामने आया कि लूटे गए सोने के जेवरात को आरोपियों ने हर्ष नामदेव के जरिए फिरंगीपारा निवासी सर्राफा कारोबारी हर्ष सोनी को बेच दिया था। पुलिस ने लूट का माल खरीदने वाले हर्ष सोनी और हथियार उपलब्ध कराने वाले सनी सिंह को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने के आभूषण समेत वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान को बरामद कर लिया है।पुलिस ने मामले में राकेश जायसवाल (35), निवासी मंझगांव कोटा; दिव्यांशु जायसवाल (24), निवासी बिल्लीबंद कोटा; आदर्श तिवारी (26), निवासी मौहारखार कोटा; हर्ष नामदेव (25), निवासी कोटा; हर्ष सोनी (24), निवासी फिरंगीपारा कोटा और सनी सिंह (35), निवासी मस्जिदपारा कोटा को गिरफ्तार किया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने इस कार्रवाई पर पुलिस टीम की सराहना की है और टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस की इस कार्रवाई से कोटा क्षेत्र में हुई लूट की दोनों वारदातों का खुलासा हो गया है।


