भिलाई, 1 नवंबर 2026। दुर्ग जिले में सड़क हादसे में एक युवक की मौत के मामले में सत्र अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस तेज रफ्तार से बाइक चला रहे 19 वर्षीय युवक को अदालत ने पांच साल के सश्रम कारावास की सजा दी है। इस मामले में उसके पिता को भी जिम्मेदार ठहराया गया। अदालत ने बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देने के लिए पिता को तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक मामला 4 अगस्त 2025 की रात का है। स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र के कोहका स्थित इंदु आईटी स्कूल के पास रात करीब 8:30 बजे बाइक और एक्टिवा के बीच टक्कर हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, मोहित कुमार बघेल अपने दोस्त वासुदेव ठाकुर के साथ बाइक पर सवार था। वह तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान बाइक विपरीत दिशा में पहुंच गई और सामने से आ रही एक्टिवा से टकरा गई।
टक्कर में एक्टिवा सवार शादान अली (23) गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई। उनके साथी उत्तम कुमार पांडेय भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच के दौरान पता चला कि बाइक चला रहे मोहित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह भी साबित किया कि उसके पिता मोहन लाल ने बिना लाइसेंस बेटे को बाइक चलाने के लिए दी थी। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
बाइक चालक मोहित को पांच साल का सश्रम कारावास और उसके पिता मोहन लाल को तीन महीने का साधारण कारावास दिया गया। मामले में लोक अभियोजक द्रोण ताम्रकार ने पैरवी की। अदालत का यह फैसला उन अभिभावकों के लिए भी सख्त संदेश है, जो बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति देते हैं। सड़क पर लापरवाही का खामियाजा सिर्फ चालक को ही नहीं, बल्कि दूसरे लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है।


