अंबिकापुर 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जिला खनिज न्यास (DMF) की राशि के कथित दुरुपयोग और निर्माण कार्यों में अनियमितता का मामला सामने आया है। केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत 1.32 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत CEO समेत 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल परिसर में निर्माण कार्य कराने और भुगतान की प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी की गई। इसके साथ ही फर्जी बिल-वाउचर और मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार कर सरकारी राशि के भुगतान में अनियमितता किए जाने की बात भी कही गई है।
जानकारी के मुताबिक, केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 31 मार्च 2023 को DMF मद से 1 करोड़ 32 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्यों के लिए ग्राम पंचायत केशवपुर को एजेंसी बनाया गया था। प्रस्तावित कार्यों में सीसी सड़क, गार्डन का सौंदर्यीकरण, प्रधान पाठक कक्ष, अहाता, प्रवेश द्वार और पार्किंग शेड का निर्माण शामिल था। आरोप है कि तत्कालीन जनपद CEO सुरेश्वर नाथ तिवारी ने नियमों के विपरीत अनन्या कंस्ट्रक्शन और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन से काम कराया। शिकायतकर्ता अभय नारायण पांडेय के आरोपों के मुताबिक, पंचायत के सरपंच और सचिव को कार्यालय बुलाकर पंचायत खाते से राशि निकलवाई गई।
इसके बाद निर्माण एजेंसियों को RTGS के जरिए भुगतान किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्यों के संबंध में फर्जी बिल-वाउचर और मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किए गए तथा लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई। हालांकि, आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से की थी। इसके बाद निर्माण कार्यों की जांच कराई गई। शिकायत के अनुसार, जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को स्कूल परिसर में हुए निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में अनियमितताएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार लोगों को बचाने के लिए रिपोर्ट में गड़बड़ी की गई। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अदालत के आदेश पर दर्ज हुई FIR
मामले में अभय नारायण पांडेय ने अंबिकापुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुलापन राम यादव की अदालत में परिवाद दाखिल किया था। सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस को FIR दर्ज कर मामले की जांच करने का आदेश दिया। इसके बाद मणिपुर थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-बी और 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में तत्कालीन जनपद CEO सुरेश्वर नाथ तिवारी, तत्कालीन CEO उपेंद्र सिंह सेंगर, सब इंजीनियर विवेक प्रताप सिंह राठौर, तत्कालीन सचिव राम प्रकाश यादव, तत्कालीन सरपंच इम्तान सिंह, सुयश अग्रवाल और अनन्या कंस्ट्रक्शन के अरविंद कुमार अग्रवाल समेत निर्माण एजेंसियों से जुड़े लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब निर्माण कार्यों, भुगतान, बिल-वाउचर और मूल्यांकन संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितता में कितनी राशि शामिल थी और किसकी क्या भूमिका रही।


