रायपुर 26 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने पार्टी अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए भाजपा नेता दुर्गाशंकर मिश्रा को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। संगठन ने उन पर लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कण्डेय ने निष्कासन का आदेश जारी किया है। दुर्गाशंकर मिश्रा भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। ऐसे में बीजेपी की यह कार्रवाई स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पार्टी की ओर से दुर्गाशंकर मिश्रा को पहले नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। संगठन उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर उनके खिलाफ छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की गई। पार्टी के आदेश में उन पर कार्यकर्ताओं को परेशान करने और बैठकों तथा कार्यक्रमों को प्रभावित करने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है। दुर्गाशंकर मिश्रा भरतपुर-सोनहत की विधायक रेणुका सिंह के प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे थे। ऐसे में पार्टी से निष्कासन के बाद अब उनकी विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी का क्या होगा, इस पर भी नजर है।
बीजेपी की इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन को लेकर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि कार्रवाई ऐसे नेता के खिलाफ हुई है, जो क्षेत्र में संगठनात्मक भूमिका के साथ विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था। दुर्गाशंकर मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई के बाद मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के भीतर पहले से चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक मतभेदों के बीच इस फैसले को अहम माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि दुर्गाशंकर मिश्रा की जगह विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी किसे मिलती है और इस कार्रवाई का भरतपुर-सोनहत की स्थानीय राजनीति पर कितना असर पड़ता है।


