सरगुजा 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्रों का आंदोलन थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कोरबा के बाद अब सरगुजा के शिवपुर एकलव्य विद्यालय की छात्राएं सड़क पर उतर गयी और समस्याओं को लेकर पैदल ही 30 किलोमीटर दूर कलेक्टर से मिलने निकल पड़ी। बताया जा रहा है कि छात्राओं के इस फैसले के बाद जिला प्रशासन और आदिवासी विभाग में हड़कंप मच गया। और आनन फानन में छात्राओं को बीच रास्ते में ही समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन छात्राएं अपनी समस्या कलेक्टर के समक्ष ही रखने पर अड़ी रही, जिसके बाद छात्राओं को बस में बिठाकर कलेक्टर अजीत बसंत के पास लाया गया।
जानकारी के मुताबिक शिवपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने पहले भी कई बार विद्यालय और छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्था और प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन छात्राओं की शिकायत को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में आवासीय विद्यालय में व्याप्त समस्याएं और शिक्षकों की कमी से जूझ रहीं छात्राओं ने कलेक्टर के सामने सारी समस्याओं को रखने का फैसला किया और विद्यालय में पढ़ाई करने के बजाये सड़क पर उतर गयी। बताया जा रहा है कि 45 छात्राएं सोमवार सुबह पैदल ही 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टर कार्यालय जाने के लिए रवाना हो गईं।
छात्राओं के इस कदम की जानकारी मिलते ही एकलव्य विद्यालय के शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया। लिहाजा स्कूल टीचर्स भी सुरक्षा के लिहाज से छात्राओं के साथ पैदल चलने लगे और छात्राओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं नहीं रुकीं। इसकी जानकारी जैसे ही ट्राइबल असिस्टेंट कमिश्नर ललित शुक्ला को मिली तो वे बैलकोटा पहुंचे। एसी शुक्ला ने छात्राओं से बात करने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि अगर उन्हें प्रिंसिपल से प्रॉब्लम है, तो आज से ही वे स्कूल नहीं जाएंगे। छात्राएं सहायक आयुक्त को समस्याएं तक बताने को तैयार नहीं हुईं और अंबिकापुर पैदल आने की जिद पर अड़ी रहीं।
इसके बाद एसी शुक्ला ने छात्राओं के लिए बस की व्यवस्था कराई और बस से छात्राओं को अंबिकापुर रवाना किया। वहीं दूसरी तरफ स्कूल के शिक्षकों ने प्रिंसिपल का बचाव करते हुए कहा कि वे नियमानुसार काम करते हैं, छात्राओं को भड़काया गया है। जिसके कारण वे बात तक नहीं कर रही हैं। कलेक्टर कार्यालय पहुंची छात्राओं से कलेक्टर अजीत वसंत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बात की। छात्राओं ने तीन शिकायतें बताईं, इनमें स्कूल और हॉस्टल में तीन महीने से बिजली होने के साथ ही मैथ्स और केमेस्ट्री के शिक्षक ठीक से नहीं पढ़ा रहे और मेस में सफाई की व्यवस्था खराब होने की जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि प्रिंसिपल से शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
आपको बता दे इससे पहले कोरबा जिले में छुरी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्रों ने विद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर मुख्यमार्ग पर दो बार चक्काजाम कर दिया था। आंदोलन कर रहे छात्रों ने विद्यालय के प्रिंसिपल को हटाने की मांग पर अड़े रहे और मांग पूूरी नहीं होने पर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी तक दे दी थी। छात्रों के इस आदोलन के बाद बकायदा प्रिंसिपल को हटाना पड़ा, जिसके बाद जाकर कोरबा एकलव्य विद्यालय का छात्र आंदोलन शांत हो सका। अभी ये मामला शांत ही हुआ था कि अब सरगुजा एकलव्य विद्यालय की छात्राओं के इस कदम ने जिला प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है।
एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती
कलेक्ट्रेट में बातचीत के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की टीम एंबुलेंस से पहुंची और छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी छात्राओं को भी वाहन की व्यवस्था कर सुरक्षित वापस स्कूल भेजने के निर्देश दिए गए।


