रायपुर 27 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने निगम, बोर्ड और आयोगों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर 18 पदाधिकारियों को मंत्री का दर्जा दिया है। इनमें तीन को कैबिनेट मंत्री और 15 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। सरकार के आदेश के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी को इससे पहले 29 अक्टूबर 2025 के आदेश के तहत राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। अब नए आदेश में उनके दर्जे को बढ़ाकर कैबिनेट मंत्री कर दिया गया है। सरकार ने 15 अन्य पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इनमें गौरिशंकर श्रीवास, आनंद निषाद, राजेश कुमार राजपूत, राजेंद्र नायक, सुधीर गौतम, एजाज मिर्जा बेग, भोजराज देवांगन, प्रभात मिश्रा, सुषमा जेठानी, शशिकांत द्विवेदी, डॉ. जेपी शर्मा, किशोर महानंद, आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज), वेदराम मनहरे और मंगल दास ठाकुर शामिल हैं। इनमें विभिन्न निगम-मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों के साथ कुछ उपाध्यक्ष भी शामिल हैं।
27 अगस्त से प्रभावी होगा आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, मंत्री का दर्जा देने से संबंधित यह आदेश 27 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मंत्री का दर्जा दिए जाने से संबंधित पदाधिकारियों की वरिष्ठता या प्रोटोकॉल निर्धारित नहीं होगा। आदेश का उद्देश्य मंत्री पद से जुड़े दर्जे और सुविधाओं को निर्धारित करना है। सरकार के इस फैसले के बाद निगम, बोर्ड और आयोगों में जिम्मेदारी संभाल रहे इन पदाधिकारियों की प्रशासनिक हैसियत को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है।


