रायपुर 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति पुलिस पदकों की घोषणा कर दी है। इस बार छत्तीसगढ़ के 152 पुलिस अधिकारियों और जवानों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें 141 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और एक अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए यह सम्मान इसलिए भी अहम है, क्योंकि वीरता पदक पाने वाले अधिकांश पुलिसकर्मियों ने नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में कठिन अभियानों और मुठभेड़ों के दौरान साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। इस सूची में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक और बस्तर फाइटर्स तक के नाम शामिल हैं।
IG पी. सुंदरराज समेत 152 नाम
इस सूची में आईजी पी. सुंदरराज सहित कुल 152 पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जमीनी स्तर पर नक्सल विरोधी अभियान में तैनात जवानों के नाम हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिलने वाला यह सम्मान छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खासकर बस्तर के चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात जवानों के लिए यह पदक उनके साहस, बलिदान और कर्तव्य के प्रति समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।
नक्सल मोर्चे पर साहस के लिए 141 को वीरता पदक
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में डीआईजी से लेकर एएसपी, डीएसपी, सब इंस्पेक्टर और आरक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मियों को वीरता सम्मान के लिए चुना गया है। नारायणपुर, सुकमा, कांकेर और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या इस सूची में शामिल है। इनमें एसटीएफ, डीएसएफ और बस्तर फाइटर्स के जवान भी हैं, जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शहीद जवानों को भी मरणोपरांत सम्मान
इस बार पदक पाने वालों में नक्सल मोर्चे पर शहीद हुए पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सूची में एसटीएफ आरक्षक नितेश एक्का और कांकेर के बस्तर फाइटर रमेश कुमार कोरेटी को भी वीरता पदक के लिए चुना गया है। यानी यह सम्मान केवल अभियान में शामिल जवानों के साहस को ही नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की वीरता को भी सलाम है।
बस्तर फाइटर्स और STF के जवानों का दबदबा
सम्मान पाने वालों की सूची में बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के कई जवान शामिल हैं। नारायणपुर, सुकमा और कांकेर के बड़ी संख्या में जवानों को वीरता पदक के लिए चुना गया है। कांकेर के जवानों में बस्तर फाइटर्स, डीएसएफ और जिला पुलिस के कई अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। वहीं सुकमा में तैनात पुलिसकर्मियों को भी बड़ी संख्या में वीरता सम्मान मिला है।
पिछली बार नहीं मिला था वीरता पदक, इस बार 141 को सम्मान
गौरतलब है कि 26 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ से किसी भी पुलिसकर्मी को वीरता पदक नहीं मिला था। इसके बाद नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षाबलों की उपलब्धियों और निर्धारित समयसीमा तक किए गए अभियानों के आधार पर इस बार बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वीरता सम्मान के लिए चुना गया है।


