कोरबा 18 सितंबर 2026। कोरबा जिले में SECL के दीपका प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई को लेकर शुक्रवार सुबह हरदीबाजार क्षेत्र में विवाद के साथ ही तनाव की स्थिति बना हुआ है। एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में तड़के करीब 5 बजे पोकलेन, जेसीबी और बुलडोजर की मदद से जमीन अधिग्रहण के दायरे में आने वाले कई सरकारी भवनों को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के तहत स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र, पटवारी कार्यालय, आरआई भवन और स्टाफ क्वार्टर को हटाया गया। सुबह-सुबह मशीनें लेकर पहुंची प्रशासन की टीम ने भवनों को तोड़ना शुरू किया तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। और पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
गौरतलब है कि SECL की दीपका कोयला परियोजना के विस्तार के लिए हरदीबाजार क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित जमीन पर मौजूद सरकारी भवनों को हटाने की कार्रवाई शुक्रवार को की गई। सरकारी भवन तोड़े जाने के तरीके को लेकर ग्रामीणों और कर्मचारियों ने सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र, पटवारी कार्यालय और आंगनबाड़ी से जरूरी सामान और दस्तावेज बाहर निकालने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका दावा है कि दवाइयां, सरकारी दस्तावेज और अन्य जरूरी सामग्री भवनों के मलबे में दब गई। हालाकि छात्रावास भवन को विभाग ने पहले ही खाली करवा लिया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि गुरूवार शाम को ही स्वास्थ्य केंद्र को खाली करने का प्रयास किया गया।
लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र का घेराव कर अस्पताल से सामान ले जाने का विरोध किया गया। जिसके कारण कुछ सामान नहीं ले जाया जा सका। कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह कई मरीज इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। लेकिन अस्पताल भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू होते ही उन्हें बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें भवन तोड़े जाने की जानकारी पहले से नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि SECL गेवरा प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है तो प्रभावित सरकारी सेवाओं के लिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और पटवारी कार्यालय जैसी जरूरी सेवाओं के लिए वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराए बिना ही तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी गई।
विरोध के बीच मौके पर पहुंचे विधायक
मामले की जानकारी मिलने पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और SECL के अधिकारियों से बातचीत की। विधायक ने कहा कि हरदीबाजार में अस्पताल, आरआई भवन, पटवारी कार्यालय और स्टाफ क्वार्टर को बिना पर्याप्त सूचना दिए तोड़े जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों को लेकर SECL अधिकारियों और एसडीएम से चर्चा की गई है। विधायक के मुताबिक, ग्रामीणों की उचित मांगें पूरी होने तक SECL के प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगाया जाएगा।
फिलहाल SECL दीपका प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है। सरकारी भवनों को हटाने, वैकल्पिक व्यवस्था, सामान के नुकसान और प्रभावित लोगों की मांगों को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी। एसईसीएल प्रबंधन की इस कार्रवाई को लेकर हरदीबाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रबंधन की इस कार्रवाई के विरोध में कल शनिवार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी हैं जिसे लेकर प्रबंधन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है।


