धनबाद/कथारा 18 सितंबर 2026। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कथारा एरिया की गोविंदपुर परियोजना में शुक्रवार को धनबाद CBI की एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने कथित तौर पर ₹18 हजार रिश्वत लेते दो डीलिंग क्लर्कों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान CMPF डीलिंग क्लर्क मेघलाल महतो और पेंशन डीलिंग क्लर्क मोहम्मद इम्तियाज के रूप में बताई गई है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद अब सीबीआई इस अवैध वसूली गिरोह में शामिल अन्य कर्मचारी व अधिकारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला गोविंदपुर परियोजना के सर्वे विभाग से करीब सात महीने पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी रसूल जमा के लंबित CMPF और पेंशन भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि भुगतान से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले दोनों क्लर्कों ने कथित तौर पर ₹18 हजार की रिश्वत की मांग की थी। बताया जा रहा है कि लंबित भुगतान को लेकर परेशान सेवानिवृत्त कर्मचारी ने मामले की शिकायत धनबाद CBI से की।
शिकायत मिलने के बाद CBI ने पहले आरोपों की पुष्टि की और इसके बाद दोनों कर्मचारियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। शुक्रवार को करीब 11:30 बजे इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में CBI की एंटी करप्शन टीम गोविंदपुर परियोजना कार्यालय पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा कथित रिश्वत की रकम दिए जाने के दौरान टीम ने दोनों डीलिंग क्लर्कों को पकड़ लिया।
रिश्वत की रकम लेते ही CBI ने दबोचा
CBI की कार्रवाई के दौरान दोनों कर्मचारियों को कथित तौर पर रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया। इसके बाद टीम दोनों को अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान परियोजना कार्यालय में अचानक हलचल बढ़ गई और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। मामले का संबंध एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित CMPF और पेंशन भुगतान से बताया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
हालांकि रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। CBI की टीम दोनों गिरफ्तार कर्मचारियों से पूछताछ और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई में यह भी सामने आ सकता है कि कथित रिश्वत की मांग और भुगतान से जुड़े मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं। फिलहाल CBI की कार्रवाई के बाद CCL के गोविंदपुर परियोजना कार्यालय में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


