बिलासपुर19 सितंबर 2026। बिलासपुर में कक्षा छठवीं के 11 वर्षीय छात्र की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। भारत माता स्कूल की एक शिक्षिका पर छात्र की पिटाई और प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। घटना के बाद बच्चा इतना सहम गया है कि वह स्कूल जाने से डर रहा है। मामले की शिकायत छात्र की मां ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डीईओं संदीप पांडेय ने तीन दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के मुताबिक गोविंद नगर, सिरगिट्टी निवासी छात्र की मां पी. जगदेश्वरी ने जिला शिक्षा अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि 17 सितंबर को उनका 11 वर्षीय बेटा भारत माता स्कूल में कक्षा छठवीं की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान क्लास टीचर दीपिका मैडम ने किसी बात को लेकर अपना आपा खो दिया और बच्चे की बेरहमी से पिटाई कर दी। मां का आरोप है कि शिक्षिका के इस व्यवहार से बच्चा बुरी तरह डर गया। स्कूल से घर लौटने के बाद से ही वह सदमे में है और स्कूल जाने से साफ इनकार कर रहा है।
पीड़ित छात्र की मां के मुताबिक, घटना के बाद बच्चा रातभर सहमा रहा। रोते हुए वह अपनी मां से स्कूल नहीं भेजने की गुहार लगाता रहा। मां ने बताया कि बच्चा बार-बार कह रहा था, “मां, मुझे उस स्कूल मत भेजो, मैडम बहुत मारेंगी।” बच्चे की हालत देखकर परिजन बेहद परेशान हो गए। मां का कहना है कि उन्होंने मामले को लेकर स्कूल के प्राचार्य से भी शिकायत की, लेकिन अगले दिन पहुंचने के बावजूद उन्हें कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आई।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने शिक्षा विभाग का दरवाजा खटखटाया। छात्र की मां ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी और मामले में कार्रवाई की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडे ने तत्काल दो सदस्यीय संयुक्त जांच टीम गठित कर दी।
तीन दिन में जांच रिपोर्ट का आदेश
DEO के आदेश के मुताबिक विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिफरा सेजेश के प्राचार्य को संयुक्त जांच अधिकारी बनाया गया है। टीम को स्कूल जाकर पूरे मामले की वस्तुस्थिति की जांच करने और तीन दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट स्पष्ट अनुशंसा के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रतिलिपि संचालक लोक शिक्षण और कलेक्टर को भी भेजी गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडे ने कहा कि स्कूलों में बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना प्रतिबंधित है। शिकायत सामने आते ही संयुक्त जांच टीम गठित कर दी गई है और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित संस्था और आरोपित शिक्षिका के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्र के साथ घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।


