रायपुर 5 नवंबर 2026। राजनीति में विरोधियों पर हमला बोलने के लिए नेता अक्सर शब्दों और नारों का सहारा लेते हैं, लेकिन कभी-कभी जोश में निकले शब्द खुद उनके लिए सवाल बन जाते हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों दो मुख्यमंत्रियों के बयानों ने कुछ ऐसा ही माहौल बना दिया है। एक तरफ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव नारेबाजी के दौरान जेपी नड्डा का नाम लेकर चर्चा में आ गए, तो दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ‘दुकानदारी बंद’ वाले बयान ने सियासी बहस को हवा दे दी। कांग्रेस ने दोनों घटनाओं को जोड़कर भाजपा पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए एक्स पर लिखा…”आजकल नंबर 1 और 2 सहित सबको नींद उड़ी हुई है, राहुल जी के सामने सबकी लाइन और लेंथ बिगड़ गई है। इनके जो ज़ेहन में है वो अब जुबान पर आ रहा है।”
गौरतलब है कि भाजपा इन दिनों ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैलियों के जरिए कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर ले रही है। इन रैलियों में केंद्रीय मंत्री भी शामिल हो रहे हैं और अपने भाषणों के जरिए कांग्रेस की रीति-नीति पर सवाल उठाते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस राजनीतिक अभियान के बीच सार्वजनिक मंचों से दिए गए मुख्यमंत्रियों के बयानों ने विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया। अब कांग्रेस इन्हीं बयानों को आधार बनाकर भाजपा पर पलटवार कर रही है। पहला मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है।
यहां आयोजित रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव नारेबाजी के दौरान राहुल गांधी के संदर्भ में बोल रहे थे। इसी बीच उनकी जुबान फिसली और उन्होंने ‘जेपी नड्डा मुर्दाबाद’ कह दिया। हालांकि, गलती का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत खुद को संभालने की कोशिश की। लेकिन तब तक कैमरे ने यह पल कैद कर लिया था और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। मुख्यमंत्री के पीछे खड़े सुरक्षाकर्मी का रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब लोग भाषण से ज्यादा उस पल की चर्चा कर रहे हैं, जब नारे का निशाना ही बदल गया।
छत्तीसगढ़ में ‘दुकानदारी’ वाले बयान पर विवाद
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदीजी ने देश की 140 करोड़ जनता का विश्वास जीता है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस को छोड़कर बाकी सभी पार्टियों की दुकानदारी बंद हो रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान को कांग्रेस ने राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर लिया और भाजपा पर पलटवार शुरू कर दिया। दोनों घटनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर वीडियो साझा किया। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, ‘आजकल नंबर 1 और 2 सहित सबकी नींद उड़ी हुई है। राहुल जी के सामने सबकी लाइन और लेंथ बिगड़ गई है।’ बघेल ने आगे लिखा कि इनके जो जेहन में है, वही अब जुबान पर आ रहा है। उन्होंने राजनांदगांव में भाजपा-आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता के कथित ‘लोकतंत्र हटाओ’ नारे का जिक्र किया। इसके बाद मोहन यादव के नारे में जेपी नड्डा का नाम आने और विष्णुदेव साय के दुकानदारी वाले बयान को भी इसी कड़ी में जोड़ दिया।
बयान भाजपा के, सियासी फायदा कांग्रेस लेने में जुटी
दोनों घटनाओं में फर्क जरूर है। भोपाल में मामला नारेबाजी के दौरान नाम गलत बोलने का है, जबकि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री का बयान राजनीतिक दलों की स्थिति पर टिप्पणी से जुड़ा है। लेकिन कांग्रेस ने इन्हें एक साथ रखकर भाजपा की बयानबाजी पर सवाल खड़े किए हैं। राजनीति में भाषणों का मकसद विरोधियों को जवाब देना होता है, लेकिन जब शब्द ही नई बहस खड़ी कर दें तो चर्चा का विषय बदल जाता है। फिलहाल मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ तक भाजपा के मुख्यमंत्रियों के बयान चर्चा में हैं और कांग्रेस को पलटवार का मौका मिल गया है। अब देखना होगा कि भाजपा इन बयानों पर कोई सफाई देती है या फिर यह सियासी तंज कुछ और दिनों तक राजनीतिक मंचों और सोशल मीडिया पर गूंजता रहेगा।
आजकल नंबर 1 और 2 सहित सबको नींद उड़ी हुई है. राहुल जी के सामने सबकी लाइन और लेंथ बिगड़ गई है.
इनके जो ज़ेहन में है वो अब जुबान पर आ रहा है.
पहले राजनांदगांव में भाजपा-आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने “लोकतंत्र हटाओ” का नारा दिया.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने जेपी नड्डा के सामने ही “जे पी नड्डा मुर्दाबाद” का नारा लगाया.
अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कह रहे हैं भाजपा और उनके सहयोगी दलों की दुकान बंद होने जा रही है.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 4, 2026


