कोरबा 1 नवंबर 2026। किसानों से जुड़े सरकारी कामकाज में लापरवाही और लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर कोरबा में एक पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने तहसील दर्री के पटवारी मिथलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन के मुताबिक, उनके कार्यक्षेत्र में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम लंबित थे। वहीं, उनके लगातार अनुपस्थित रहने से फसल क्षति के आकलन और धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं के निराकरण का काम भी प्रभावित हुआ।
मिथलेश वर्मा भैरोताल पटवारी हल्का नंबर 40 में पदस्थ थे। विभागीय कामकाज में लापरवाही को लेकर उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में दैनिक डायरी का संधारण नहीं करने, किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन और बकेट क्लेम डिजिटल कॉप मोबाइल ऐप में प्रविष्टि का काम शुरू नहीं करने का उल्लेख था। इसके अलावा नक्शा बंटाकन, राजस्व अभिलेखों में सुधार और खरीफ वर्ष 2025-26 की गिरदावरी से जुड़े कार्य भी लंबित पाए गए थे।
पटवारी ने 5 अक्टूबर को नोटिस का जवाब दिया, लेकिन प्रशासन ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वे 13 अक्टूबर से लगातार शासकीय कार्यों से अनुपस्थित थे।
किसानों के काम प्रभावित होने पर प्रशासन की सख्ती
प्रशासन के अनुसार, पटवारी की अनुपस्थिति के कारण चक्रवात अर्नब से हुई फसल क्षति के आकलन और धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं के समाधान से जुड़े कार्य प्रभावित हुए। इसे शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने निलंबन का आदेश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील अजगरबहार निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।



