रायपुर 30 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव के आयोजन के बीच अगले पांच दिन केंद्र सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता दिखाई देगी। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक छह केंद्रीय मंत्री प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य एवं रसायन-उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी शामिल हैं।
भाजपा की विष्णु देव साय सरकार इन दौरों को केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल तथा विकास योजनाओं में केंद्रीय सहयोग के तौर पर पेश कर रही है। मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय मंत्रियों से हुई मुलाकातों और चर्चाओं का हवाला देते हुए सरकार का कहना है कि प्रदेश की जरूरतों और योजनाओं को केंद्र के सामने लगातार उठाया गया है। ऐसे में इन दौरों को राज्योत्सव के सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को सामने रखने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
अमित शाह के दौरे पर नक्सलवाद और बस्तर का मुद्दा
3 नवंबर को राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और बस्तर के पुनर्निर्माण का मुद्दा उनके दौरे के केंद्र में रह सकता है। राज्य सरकार के मुताबिक, नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्र ने सुरक्षा संसाधनों और आर्थिक सहायता के जरिए सहयोग दिया है। सरकार का दावा है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास की योजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पीएम आवास के आंकड़े और बस्तर के लिए विशेष पैकेज
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा अहम रहेगा। सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्री से चर्चा की थी। बस्तर में पुनर्वास की दिशा में नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार विशेष आवास स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी सरकार ने दी है। यह योजना सुरक्षा अभियान के साथ प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री की चर्चा में खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी शामिल रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि पिछले खरीफ सीजन में केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ को 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया और 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया था। इस बार भी अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराई गई है। कृषि प्रधान राज्य में खाद की उपलब्धता किसानों और सरकार दोनों के लिए अहम विषय है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाले सहयोग को राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों में शामिल कर रही है।
वंचित वर्ग, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी फोकस
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार 30 और 31 अक्टूबर को रायपुर तथा बिलासपुर के दौरे पर रहेंगे। उनके प्रवास के दौरान वंचित वर्गों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी। राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्री से कई बार संवाद किया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया राज्योत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स को सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय का उदाहरण बता रही है। इसके अलावा ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार का मुद्दा भी इस समन्वय से जुड़ा है।
खनन प्रभावित परिवारों पर होगी समीक्षा
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी 3 नवंबर को एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लेंगे। खनन प्रभावित परिवारों के कल्याण और उनसे जुड़ी योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ पहले भी चर्चा हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार केंद्र के साथ तालमेल को विकास की बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत कर रही है। पांच दिनों में छह केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी से राज्य सरकार को अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
राज्योत्सव के मंच से केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक समन्वय का संदेश भी सामने आएगा। हालांकि, इन दौरों का असली महत्व घोषणाओं से आगे निकलकर जमीन पर दिखने वाले परिणामों से तय होगा। पीएम आवास का निर्माण, किसानों को खाद की उपलब्धता, नक्सल प्रभावित परिवारों का पुनर्वास, ईएसआईसी अस्पतालों का विस्तार और खनन प्रभावित लोगों के लिए योजनाओं का लाभ—इन मुद्दों पर होने वाली प्रगति पर प्रदेश की नजर रहेगी।


